छत्तीसगढ़ : रायपुर 21 दिसंबर 2018। 15 वर्षो से प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा विगत चुनाव में मिली करारी हार से विचलित नज़र आ रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने वरिष्ठ भाजपा प्रवक्ता सचिदानंद उपासने के किसानो पर दिये गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि जो भाजपा किसानों से 2100 सौ रुपये समर्थन मूल्य तथा 300 रु प्रति क्विंटल बोनस, एक एक दाना धान खरीदी अपने घोषणा पत्र जिसे संकल्प पत्र का नाम दिया और सत्ता प्राप्ति के पश्चात अपने वायदों से मुकर गयी, किसानों को तड़पता बिलखता छोड़ दुर्दशा की ओर ढकेल दिया, कृषि कर्ज़ से आहत किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया। उनकी मौत का कारण सत्ता का दुरुपयोग कर शराब सेवन , बड़ी बीमारी या स्वाभाविक बताकर गलत रिपोर्ट तैयार करते रहे ,परिजनों पर दुखो का पहाड़ टूटा सत्ता के अहंकार मे भाजपाइयों ने कभी भी आंसू पोछने का प्रयास नही किया वही दूसरी ओर भाजपा सत्ता के नशे में तिहार, उत्सव मनाते रहे और आज छत्तीसगढ़ की जनता ने उनके कर्मों की सजा दी है आईना दिखाया तो हार से विचलित होकर जनादेश का अपमान करने में आमादा है।
प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने केंद्र और राज्य की भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि,भाजपा स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू कराने तथा किसानों की आय में 50 प्रतिशत वृद्धि की बात कर वोट पा लिया मगर आज साढ़े चार वर्ष बीतने के बाद उनका यह वादा भी जुमला साबित हुआ। छग राज्य निर्माण 2000 के बाद 2003 से 2018 तक प्रदेश के किसानों ने 3 बार 15 वर्ष भाजपा को सत्ता नेतृत्व का अवसर दिया,उन्ही किसानों से धोखा करती रही। प्रदेश में कृषि क्षेत्र का रकबा घटा, किसान घटे, उत्पादक मूल्य बढ़ा,लागत मूल्य बढ़ाने का सब्जबाग दिखाते रहे कोई ठोस निर्णय नही लिया, किसानों की तकलीफ दूर करने कोई उचित प्रयास नही किये गये भाजपा किसानों को सिर्फ और सिर्फ सत्ता प्राप्ति का माध्यम समझती रही वो आज किसान हितचिंतक होने का ढोंग कर रहे है।
कांग्रेस सरकार गठन के पहले ही दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस के जन घोषणा पत्र के वायदे के अनुरूप किसानो का कर्जा माफ कर और धान की खरीदी 2500 रु प्रति कुंटल कर के यह साबित कर दिया की कांग्रेस जो कहती है वो करती है वायदों से मुकरना हमारी पहचान नही। यह छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की राज्य के किसानो के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। कृषि ऋण को माफ करने ऐतिहासिक फैसला है। भाजपा का किसानों के प्रति घड़ियाली आंसू प्रदेश की जनता बखूबी समझती है,आने वाले लोकसभा चुनाव में उन्हें फिर से इस दिखावे की राजनीति का मजा चखायेगी।