जगदलपुर। आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता बिरजू सलाम के खिलाफ देर रात पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आदिवासियों के हक, अधिकार, जल-जंगल-जमीन और जन समस्याओं की आवाज उठाता है, तो उसका जवाब संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए दिया जाना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई से। AAP ने आरोप लगाया कि आधी रात को इस तरह की कार्रवाई से आम जनता में भय का माहौल बनता है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
पार्टी ने प्रशासन से निष्पक्षता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का दबाव लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
AAP नेताओं ने कहा कि बस्तर की धरती आदिवासी अस्मिता, संघर्ष और सम्मान की प्रतीक है, यहां जनता की आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है, इसे अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।