गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 15 जून 2026। जिले में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता, तत्परता और जनसेवा का नया माहौल देखने को मिल रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों में जनता के प्रति सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट नजर आ रहा है। इसी कड़ी में डॉयल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा ने मानवता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश करते हुए चलते वाहन में सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान बचाई।जानकारी के अनुसार ग्राम गांगपुर निवासी मानसिंह ने डॉयल-112 पर कॉल कर प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला के लिए तत्काल सहायता मांगी।

सूचना मिलते ही गौरेला फाल्कन-2 (खोडरी) टीम के आरक्षक राजाराम बसंत एवं चालक संतोष राठौर बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हुए। टीम ने प्रसूता सरस्वती मरपच्ची (22 वर्ष) को महिला परिजनों एवं मितानिन के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला ले जाना शुरू किया।इसी दौरान ग्राम गिरवर के पास महिला की प्रसव पीड़ा अचानक अत्यधिक बढ़ गई और तत्काल डिलीवरी की स्थिति बन गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए डॉयल-112 टीम ने सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका। महिला की गरिमा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए महिला परिजनों एवं मितानिन की सहायता से वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।कुछ ही पलों में नवजात की किलकारी गूंज उठी और प्रसूता ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए।
इसके बाद डॉयल-112 टीम ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला पहुंचाकर भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के नेतृत्व में जिले का प्रशासन केवल जिम्मेदार ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और जनहित के प्रति पूरी तरह समर्पित है। क्षेत्रवासियों ने डॉयल-112 टीम की त्वरित एवं मानवीय कार्यवाही की जमकर सराहना की है।