रायगढ़। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है, जो हाईटेक तरीके से सटोरियों को क्रिकेट सट्टा आईडी और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहा था। आरोपी ऐसी विशेष वेबसाइट तैयार करता था, जिसमें लाइव क्रिकेट मैच का अपडेट टीवी प्रसारण से करीब 5 सेकेंड पहले दिखाई देता था। इसी तकनीक का फायदा उठाकर सटोरिये बॉल-टू-बॉल सट्टेबाजी में मोटा मुनाफा कमा रहे थे।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने न्यू शंकरनगर इलाके में दबिश देकर आरोपी आदर्श कुमार केशरी को गिरफ्तार किया।

आरोपी बीटेक इंजीनियर है और दिल्ली की एक आईटी कंपनी में काम करता था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह रायपुर और बिहार के अपने साथियों के जरिए नोएडा और दिल्ली से संचालित बड़े ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी “Winbigpro” नाम के प्लेटफॉर्म का तकनीकी संचालन करता था और देशभर के सटोरियों को क्रिकेट सट्टा आईडी बेचता था। गिरोह ने ऐसी वेबसाइट डेवलप की थी, जिसमें मैच की जानकारी सामान्य टीवी प्रसारण से पहले दिखाई देती थी। इससे सट्टेबाजों को हर गेंद पर दांव लगाने में बढ़त मिलती थी।आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह केवल आईडी बेचने का काम नहीं करता था, बल्कि सट्टेबाजों के भुगतान और विड्रॉल सिस्टम को भी मैनेज करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो महंगे मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जबकि वेबसाइट डेवलपमेंट में इस्तेमाल लैपटॉप दिल्ली में छिपाकर रखा गया है।मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तकनीकी सहयोगियों और सटोरियों की तलाश में जुटी हुई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के तकनीकी नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस की लगातार नजर है और अपराध को बढ़ावा देने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।