हाफ नदी के पुनर्जीवन का बिगुल, 25 जुलाई से गांव-गांव जल संरक्षण का महाअभियान

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बेमेतरा। जिले में हाफ नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में “विकसित भारत जी-राम-जी अभियान” के तहत 25 जुलाई को विकासखंड नवागढ़ के ग्राम अंधियारखोर में मैदानी कार्यकर्ताओं (फील्ड फंक्शनरी) के लिए विशेष प्रशिक्षण, ट्रांसेक्ट वॉक और व्यापक जनजागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा।

अभियान का उद्देश्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण, स्थानीय जनसहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से हाफ नदी के पुनर्जीवन कार्यों को गति देना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और मैदानी अमले को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, कैचमेंट क्षेत्र विकास, प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, नदी तट सुरक्षा तथा मृदा एवं जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्रांसेक्ट वॉक में अधिकारी, विशेषज्ञ, मैदानी अमला और ग्रामीण मिलकर हाफ नदी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान नदी में गाद जमाव, जल प्रवाह में बाधाएं, अतिक्रमण, अपशिष्ट प्रबंधन और तट संरक्षण की स्थिति का आकलन किया जाएगा। निरीक्षण के आधार पर प्राथमिकताएं तय कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा।


जिला प्रशासन गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वर्षा जल संचयन, सोक पिट निर्माण, वृक्षारोपण, जल स्रोतों की स्वच्छता और प्लास्टिक सहित अन्य कचरे को नदी-नालों में नहीं फेंकने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही श्रमदान, पौधरोपण और नदी संरक्षण गतिविधियों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने जिलेवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि “जल संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। हाफ नदी जिले की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा है।”
उन्होंने जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, किसानों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हर नागरिक जल की प्रत्येक बूंद बचाने का संकल्प ले और वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण व जल स्रोतों के संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास करे, तो हाफ नदी का पुनर्जीवन संभव है और जिले में जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखी जा सकती है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।

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