रायगढ़, 23 जुलाई। इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाने, APK फाइल के जरिए उसका मोबाइल हैक कर निजी फोटो-वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करने वाले साइबर अपराधी को रायगढ़ साइबर पुलिस ने बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने युवती को बदनाम करने और अंतरंग फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 13 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।पुलिस के अनुसार, लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 वर्षीय युवती ने 12 जून 2026 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी।

उसने बताया कि करीब छह वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान बिहार निवासी अविनाश उर्फ राजा से हुई थी। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने युवती का विश्वास जीतकर उससे निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लिए।कुछ समय बाद आरोपी ने युवती को एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए भेजी। आरोपी के कहने पर युवती ने फाइल डाउनलोड कर उसका एक्सेस कोड भी साझा कर दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया और उसमें मौजूद निजी फोटो, वीडियो तथा कॉन्टैक्ट लिस्ट अपने कब्जे में ले ली।इसके बाद आरोपी ने युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने सोशल मीडिया और परिजनों को निजी फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग की।
डर के कारण युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में तीन किस्तों में कुल 13 हजार रुपये भेज दिए। रकम मिलने के बाद भी आरोपी ब्लैकमेल करता रहा और युवती के परिवार से संपर्क कर उसे बदनाम करने की कोशिश करता रहा।शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की लोकेशन बिहार के मुजफ्फरपुर में मिली। इसके बाद विशेष टीम ने वहां दबिश देकर 20 वर्षीय आरोपी अविनाश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने यूट्यूब देखकर हैकिंग के तरीके सीखे थे और उसी के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने और किसी के कहने पर APK फाइल डाउनलोड करने से बचें। यदि कोई ब्लैकमेल कर पैसे मांगता है तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें।