रायपुर। सपनों को सच करने के लिए न तो मौसम मायने रखता है और न ही भौगोलिक सीमाएं। छत्तीसगढ़ की धरती से निकले भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी शैलेंद्र कुमार देशमुख इसी जज्बे का नाम हैं। वे ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026’ में अल्पाइन स्कीइंग स्पर्धा में भाग लेकर न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरे प्रदेश का मान भी बढ़ाएंगे। जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत गुलमर्ग में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनकी मौजूदगी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।प्रशासनिक दायित्वों की गंभीरता और खेल के प्रति जुनून—इन दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता।

वर्ष 2008 बैच के अधिकारी देशमुख ने यह साबित किया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर चुनौती छोटी पड़ जाती है। व्यस्त दिनचर्या के बीच नियमित अभ्यास, कठोर फिटनेस रूटीन और आत्मविश्वास ने उन्हें बर्फीली ढलानों तक पहुंचाया है।अल्पाइन स्कीइंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, संतुलन और सटीक निर्णय क्षमता की परीक्षा है।
तेज रफ्तार से बर्फीली ढलानों पर उतरना जहां शारीरिक क्षमता की मांग करता है, वहीं मानसिक दृढ़ता भी उतनी ही जरूरी होती है। देशमुख की यह भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि वे चुनौतियों से पीछे हटने वालों में नहीं, बल्कि उन्हें स्वीकार कर आगे बढ़ने वालों में से हैं।छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जहां विंटर स्पोर्ट्स की स्वाभाविक सुविधाएं सीमित हैं, वहां से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। यह संदेश देता है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में दीवार नहीं बन सकती। जरूरत होती है तो सिर्फ लक्ष्य के प्रति निष्ठा और निरंतर प्रयास की।जब गुलमर्ग की बर्फीली वादियों में वे स्कीइंग ट्रैक पर उतरेंगे, तब उनके साथ पूरे छत्तीसगढ़ की उम्मीदें और आशीर्वाद होंगे।
राज्य को विश्वास है कि यह सहभागिता आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को नए खेलों की ओर प्रेरित करेगी और छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा करेगी।