लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार को ही इस पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।बताया जा रहा है कि बंगाल चुनाव परिणाम के तुरंत बाद प्रदेश में यह सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस संभावित विस्तार में कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में कटौती या बदलाव हो सकता है, वहीं कुछ नेताओं को प्रमोशन मिलने की भी चर्चा है।सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री के करीबी एक मंत्री का राजनीतिक भविष्य दांव पर लग सकता है, जबकि दो मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके साथ ही, दिल्ली से करीबी रखने वाले एक मंत्री के विभाग में कटौती की भी संभावना जताई जा रही है।
सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तहत पश्चिमी यूपी में जाट और गुर्जर बिरादरी को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। वहीं पूर्वांचल से दो ओबीसी चेहरों को सशक्त भूमिका मिलने की चर्चा है। ब्राह्मण और दलित वर्ग से भी नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की तैयारी बताई जा रही है।सूत्रों के मुताबिक 5 से 7 नए मंत्रियों को मौका मिल सकता है।
जिन नामों की चर्चा तेज है, उनमें भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अशोक कटारिया, पूजा पाल, श्रीकांत शर्मा, राजीव तरारा, कृष्णा पासवान और राजेश्वर सिंह शामिल हैं।
वहीं, बागी सपा विधायकों की किस्मत भी इस फेरबदल में चमक सकती है। कई अनुभवी नेताओं के विभागों में बड़े बदलाव के संकेत हैं, जिससे सियासी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि 4 मई को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक मौजूदा मंत्रियों के लिए अंतिम बैठक साबित हो सकती है, जिसके बाद बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।