रायगढ़ : 20मई 2025,आरोप लग रहे ख़ाखी वर्दी पर,जिले में जब कोई रोती बिलखती इंसाफ की उम्मीद लेकर मां अपने बेटे की लहूलुहान हालत में उसे उठाकर थाने पहुंचती है, तो उम्मीद होती है न्याय की, लेकिन वाह रे कानून के रखवाले, आपने ने तो पलट कर रख दिया कौन सी के तराजू पर,रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना में न्याय नहीं, सौदेबाज़ी और खुली धमकी परोसी जाती है वो भी वर्दीधारियों के द्वारा।
मारपीट, लूट, छेड़छाड़, गाली-गलौच ; आरोपियों ने किया ‘घोषणा’ और पुलिस बनी मूकदर्शक : 30 अप्रैल 2025 की रात, घरघोड़ा के नवापारा में एक युवक को यश सिन्हा और उसके साथियों -रितेश गुप्ता, शैलेश चौहान, आयुष डनसेना, निखिल शर्मा – ने सरेआम पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पीड़ित की हालत देख किसी की भी रूह कांप जाए , शरीर पर गंभीर जख्म, बाल काट दिए गए, खून से सना शरीर और अपराधियों की ज़ुबान पर था खुला ऐलान – “हमने मारा है. जान से खत्म कर देंगे!”
जब मां मौके पर पहुंची, तो उसे भी बख्शा नहीं गया। आरोपियों ने उसके साथ अभद्रता की, गंदी-गंदी गालियां दीं, गले की चेन लूट ली और शरीर से छेड़छाड़ तक की। क्या यही है “महिला सुरक्षा” के सरकारी दावे!
और अब असली तमाशा शुरू होता है ; थाने के भीतर, कानून के मंदिर में : 17 मई को जब पीड़िता अपने बेटे को लेकर घरघोड़ा थाना पहुंची, तो वहां कानून नहीं, गुंडागर्दी का सरकारी संस्करण मिला। थाना प्रभारी ने उन्हें घंटों बैठाकर रखा, फिर कमरे में बुलाकर धमकी दी “शिकायत वापस ले लो, वरना छेड़छाड़, एससी/एसटी एक्ट, सब लगेगा तुम्हारे बेटे पर!”
यह सब उस कमरे में हुआ जहां आरोपी यश सिन्हा का पिता और उसका वकील आराम से कुर्सी पर बैठे थे। पीड़िता खड़ी थी अपमानित, डरी हुई, लेकिन चुप नहीं।
*सवाल ये नहीं कि ये सब हुआ, सवाल ये है :* पुलिस यह सब कैसे होने दे रही है!
पुलिस के सामने कैसे हो रहा,या खुद करा रही है !
पुलिस अपराधियों की खौफ में जी रहे हैं !जनता के दिल दिमाग से उठ रहा सवाल …पूरे प्रदेश की बात करें तो क्या थाना अब FIR लिखने की जगह “मुकदमा वापसी की डील” करने का अड्डा बन गया है क्या! फिर FIR क्यों नहीं लिखा जाता ,क्यों बिक रहा FIR. पुलिस अपनी जिम्मेदारी भूले तो कानून व्यवस्था जो बिगड़ रहा है वह खत्म हो जाएगा और अपराधियों के नाम से खुलेंगे थाने, जहां पुलिस नहीं सिर्फ अपराधी ड्यूटी निभाएंगे।
CCTV खोल दो और पूरी रायगढ़ जनता देखे वर्दी का असली चेहरा : थाने की CCTV फुटेज (2 बजे से 6 बजे तक) सब कुछ साफ कर देगी। लेकिन प्रशासन चुप है — क्योंकि जब वर्दी बिकती है, तो सच्चाई मिटाने की कोशिश होती है।
अब मामला सिर्फ एक महिला का नहीं ; यह रायगढ़ का ही नहीं प्रदेश भर की समस्या है की हर मां-बहन की इज्जत और न्याय की लड़ाई है।
ऐसा ही हुआ तो अपराधियों में पुलिस की भय खत्म,अपराधियों के सामने कानून नतमस्तक करेंगे।
गृह मंत्री विजय शर्मा तो बड़े बड़े दावे करते हैं कानून व्यवस्था को लेकर फिर घरघोड़ा थाना प्रभारी को निलंबित नहीं किया गया, न हटाया गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई,
CCTV फुटेज सार्वजनिक नहीं हुई,