New Delhi : Update : “वक्फ कानून” पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी.*
*सुप्रीम कोर्ट से आज सरकारी वकील के अनुरोध पर कोई आदेश नहीं दिया. कल दो बजे फिर सुनवाई होगी.
आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संकेत दिया कि *’वक्फ़ बाय यूजर’* की व्यवस्था को हटाने और वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों को नामित करने की व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगा सकता है.
CJI ने कहा कि संसद से पारित क़ानून पर बिना विस्तार की सुनवाई के अदालत को रोक नहीं लगाती ! लेकिन वक्फ़ बाय यूजर के प्रावधान हटाने से होने वाले प्रभाव को देखते हुए अदालत ऐसा कर सकती है !
*कोर्ट कल कोई अंतरिम आदेश पारित कर सकता है !*
वक्फ़ बाय यूजर के प्रावधान को हटाने पर सवाल उठाते हुए CJI ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि अंग्रेजी शासन काल से पहले वक्फ़ रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था नहीं थी. बहुत सारी मस्जिदें 13 वीं, 14वीं और पंद्रहवीं शताब्दी की बनी हैं ! आप चाहते हैं कि वो आपको सेल डीड दिखाएं, कहां से दिखाएंगे ?
*सुप्रीम कोर्ट ने पूछा -*
14वीं और 16वीं शताब्दी की मस्जिदों को कैसे रजिस्टर करेंगे ! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या वह मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की अनुमति देने को तैयार है ?
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बाई यूजर के प्रावधान पर भी सवाल किया. CJI खन्ना ने कहा कि कई पुरानी मस्जिदें हैं. 14वीं और 16वीं शताब्दी की मस्जिदें है, जिनके पास रजिस्ट्रेशन सेल डीड नहीं होगी. CJI ने केंद्र से पूछा कि ऐसी संपत्तियों को कैसे रजिस्टर करेंगे ? उनके पास क्या दस्तावेज होंगे ? ऐसे वक्फ को खारिज कर देने पर विवाद ज्यादा लंबा चलेगा. हम यह जानते हैं कि पुराने कानून का कुछ गलत इस्तेमाल हुआ, लेकिन कुछ वास्तविक वक्फ संपत्तियां हैं, जिनके इस्तेमाल के दौरान लंबे समय से वक्फ संपत्ति के तौर पर पहचान हुई. वक्फ बाई यूजर मान्य किया गया है, अगर आप इसे खत्म करते हैं तो समस्या होगी…