भूपेश बोले-मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए कर दिया समर्पित

Chhattisgarh

रायपुर :  समाज हितैषी कार्याें की वजह से लोकप्रियता के शीर्ष पर थीं छग की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता की 50वीं पुण्यतिथि पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण का गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में विमोचन किया। कार्यक्रम में सतनामी समाज की 200 प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरल और सहज व्यक्तित्व की धनी मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। दलितों के नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अस्पृश्यता निवारण अधिनियम को संसद में पारित कराने में उन्होंने महती भूमिका निभाई। बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में उन्होंने समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई थीं। बघेल ने गुरुवार को शहीद स्मारक भवन में मिनीमाता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह के मौके पर कहा, मिनीमाता ने महिला अस्मिता को एक नई ऊंचाई दी है। अपने प्रखर नेतृत्व क्षमता की बदौलत राष्ट्रीय नेताओं के बीच उनकी अलग पहचान थी। दलित शोषित समाज ही नहीं, सभी वर्गाें ने उनके नेतृत्व को मान्य किया था। मिनीमाता समाज हितैषी कार्याें की वजह से लोकप्रियता के शीर्ष पर पहुंचीं। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में उन्हें दलितों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए कार्यों के लिए सदा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, मिनीमाता ने समाज सुधार सहित सभी वर्गों की उन्नति और बेहतरी के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्हें असमिया, अंग्रेजी, बांग्ला, हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा का अच्छा ज्ञान था। वह सत्य, अहिंसा एवं प्रेम की साक्षात प्रतिमूर्ति थीं। उनका विवाह बाबा गुरु घासीदास के चौथे वंशज गुरु अगमदास से हुआ। विवाह के बाद वे गुरुमाता के रूप में असम से छत्तीसगढ़ आईं, तब से उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक सत्यनारायण शर्मा, महापौर एजाज ढेबर, चरौदा के महापौर निर्मल कोसले सहित बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे। इन क्षेत्रों का सम्मान ;कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा, चिकित्सा, वीरता, समाजोत्थान व नशामुक्ति अभियान की दिशा में कार्य कर रही महिलाओं सहित 10वी-12 वी बोर्ड के प्रतिभावान बच्चों मेडिकल के विद्यार्थियों और खेल जगत से जुड़ी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।चार बार लोकसभा चुनाव जीतीं ; स्वतंत्रता पश्चात लोकसभा का प्रथम चुनाव 1951-52 में संपन्न हुआ। मिनीमाता सन 1951 से 1971 तक सांसद के रूप में लोकसभा की सदस्य रहीं। अविभाजित मध्यप्रदेश में बिलासपुर-दुर्ग-रायपुर आरक्षित सीट से लोकसभा की प्रथम महिला सांसद चुनी गईं। इसके बाद परिसीमन में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचीं। महिलाओं ने बांधी राखी;रक्षाबंधन पर्व पर सतनामी समाज की बहनों ने मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित मंत्री डॉ. डहरिया व सभी अतिथियों को आरती व तिलक लगाकर राखी बांधी, इस दौरान मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया गया।

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