पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बागेश्वर बाबा के बीच जमकर तीखी बयानबाजी जारी , छत्तीसगढ़ की राजनीति में चढ़ा पारा , टी एस बाबा भी बोले…

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रायपुर : गुरुवार को छत्तीसगढ़ पहुँचे बागेश्वर पीठाधीश्वर पँ धीरेंद्र शास्त्री अब नए विवाद में फंसते नज़र आ रहे हैं। दरअसल पँ धीरेंद्र शास्त्री छत्तीसगढ़ सरकार के स्टेट प्लेन से रायपुर पहुँचे थे। साल के आखिरी के कुछ दिन बचे हैं और इन कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ (३६) की भूमि में राजनीतिक बयान बाजी का चढ़ा पारा

धीरेंद्र शास्त्री के द्वारा बाहर जाने के लिए कहा गया पूर्व मुख्यमंत्री को तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया बड़ा बयान । बेमेतरा जिले के एकदिवसीय दौरे पर रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। छत्तीसगढ़ के भिलाई में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मीडिया से चर्चा करते हुए बाबा बागेश्वर (धीरेंद्र शास्त्री) ने कहा कि यदि हिंदू समाज को एकजुट करना, भक्ति का प्रसार करना और राष्ट्रवाद की भावना जगाना अंधविश्वास है, यदि भूपेश बघेल को ऐसा लगता है,तो उन्हें इस देश को छोड़ देना चाहिए..इस बयान को लेकर बेमेतरा के देवरबीजा के सिरसा में भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री के बयान को लेकर कहां की छग बाबा गुरुघासीदास संत कबीर की धरती है यहां शांति प्रिय लोग है इसलिए धीरेन्द्र शास्त्री ऐशा बोल पा रहे है दूसरे जगह बोल कर बताए ,उन्होंने कहां की धीरेन्द्र शास्त्री को चुनौती देता हूं कि हमारे यहां छग के विद्वान है संत है उनके शास्त्रार्थ कर ले बताए,मेरे को बाहर जाने के लिए बोला गया है जो बहुत गलत बोला है धीरेंद्र शास्त्री।

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कथावाचक प्रदीप मिश्रा और पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। अब इस बयान पर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने खुलकर पलटवार किया है। अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति लोगों को जागरूक करना अंधविश्वास है, तो जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। उनका कहना था कि हनुमान जी की भक्ति, सनातन संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का संदेश देना किसी भी तरह से अंधविश्वास नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने का काम है।

भूपेश बघेल ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छत्तीसगढ़ में केवल पैसा बटोरने आते हैं। उन्होंने कहा, “जब धीरेंद्र शास्त्री का जन्म भी नहीं हुआ था, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं। शास्त्री से मेरा बेटा भी 10 साल बड़ा है। वे कल के बच्चे हैं और हमें सनातन धर्म सिखाने आए हैं।”पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा अलग है और यहां कबीर साहेब और गुरु घासीदास की वाणी गूंजती है। यह प्रदेश शांति और सद्भाव का टापू रहा है।भूपेश बघेल ने पं. धीरेंद्र शास्त्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ के किसी भी साधु-संत से शास्त्रार्थ कर लें। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दिव्य दरबार से लोग ठीक हो रहे हैं, तो फिर मेडिकल कॉलेज क्यों खोले जा रहे हैं।बघेल ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और केवल छत्तीसगढ़ में इस तरह के बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्री दूसरे राज्यों में जाकर भी ऐसे बयान देकर दिखाएं।
अब वहीं कथावाचक धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव का भी पलटवार सामने आया है। टी एस सिंहदेव ने बाबा बागेश्वर पर जमकर निशाना साधा है ,कहा धर्म के आड़ में राजनीति करना गलत है। राजनीतिक व्यक्ति अपनी लक्ष्य पूरा करने के लिए धर्म का इस्तेमाल करेगा तो उसका नुकसान ही होगा। कल के दिन अगर जनता को पता चली की वोट के लिए यह सब किया जा रहा है तो लोगों को धर्म के प्रति विश्वास उठ जाएगा, जो सनातन में है उन्हें शुद्ध रूप से ज्ञान बांटने की जवाबदारी होती है।

हसदेव मामले पर टी एस सिंहदेव ने कहा कोल माइंस, जल जमीन जंगल बचाने आदिवासियों द्वारा आंदोलन को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने सरकार पर सवाल खड़ा कर दिया है ,कहा यह कहां की नीति है लाठियां चलाएं आदिवासियों पर ,घायल हुए लोगों को सरकार ने ईलाज भी नहीं करवाया। कैसी नीति है लाठियां चलाएं जाएं ।

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