रेडी टू ईट वितरण पुराने वितरकों से कराने पंजीयन, कई महिला समूहों ने किया किनारा

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रायपुर : रेडी-टू-ईट फूड केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत तैयार कर प्रदेशभर में भेजा जा रहा है। बीज विकास निगम द्वारा अभी सीधे ही इसे सप्लाई किया जा रहा है। महिला समूहों से केंद्रीकृत व्यवस्था लागू होने के बाद फूड पैकेट का आंगनबाड़ी तक परिवहन का काम देने के लिए अनुबंध किया जा रहा है। विभाग की तैयारी है कि कम से कम परिवहन का जिम्मा महिला समूहों को मिल जाए तो एक तय मानदेय उन्हें दिया जा सकेगा। बीज विकास निगम में अब तक 200 से अधिक समूहों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। महिलाओं को 30 क्विंटल रेडी-टू-ईट के परिवहन पर 3 हजार रुपए का खर्च दिया जाएगा। हालांकि महिला समूह इसके लिए तैयार नहीं हैं।
राज्य सरकार पहले ही कह चुकी है कि रेडी-टू-ईट फूड योजना में महिला स्वसहायता समूहों को पूरी तरह से बाहर नहीं किया जाएगा। वे इसको बनाएंगी नहीं, लेकिन फूड वितरण की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहाें को ही दी जाएगी। अब रेडी-टू-ईट फूड निर्माण के लिए बीज निगम की बाधाएं दूर होने के बाद बीज निगम सीधे सप्लाई कर रहा है। बताया जाता है कि 600 से अधिक पुराने वितरक जो वितरण कार्य करते थे, उन्हें अनुबंध के लिए बुलाया गया है। कई समूहों द्वारा पंजीयन कराए जाने पर वितरण के कार्य अच्छी तरह से हो सकेगा। वितरण करने वाले समूहों को मानदेय दिया जाएगा। बीज विकास निगम द्वारा जो अनुबंध किया जा रहा है, उसमें 3 हजार पैकेट के लिए 3 हजार रुपए का चार्ज देने की बात कही गई है। यह पोषण आहार गर्भवती, शिशुवती महिलाओं, छह माह से तीन वर्ष के बच्चे, कुपोषित बच्चों को दिया जाता है। 450 से 1800 ग्राम आहार दिया जाता है।
महिला स्वसहायता समूह ने किया था विरोध
बच्चों के पोषण आहार के लिए रेडी-टू-ईट फूड का वितरण किया जाता है, जिसे लंबे समय से महिला स्वसहायता समूह द्वारा बनाया जा रहा था। रेडी-टू-ईट फूड के गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत हुई, इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने मशीनों से अच्छी गुणवत्ता के फूड पैकेट तैयार करने का निर्णय लिया, लेकिन हजारों महिला स्वसहायता की सदस्यों ने फैसले का विरोध किया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने का बाद राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया।
वितरण कराने पुराने वितरकों का पंजीयन
बीज विकास निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर ने बताया कि रेडी-टू-ईट का बनाने का काम शुरू हो गया है। अभी वितरण का काम निगम डायरेक्ट कर रहा है। अब इसके वितरण के लिए पुराने वितरकों का पंजीयन किया जा रहा है। अब तक 200 वितरकों ने पंजीयन करा लिया है।

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