“छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिना मुहर वाले बाउंस चेक भी बन सकते हैं सज़ा का आधार!”…
बिलासपुर : 11अप्रैल2025,छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़े मामलों में एक बेहद अहम और दूरगामी असर वाला फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत मुकदमा सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि चेक रिटर्न मेमो में बैंक की मुहर या हस्ताक्षर […]
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