रायपुर, 6 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने कहा कि फार्मासिस्टों की समस्याओं का त्वरित निराकरण, पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाना और जनस्वास्थ्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी को मजबूत करना काउंसिल की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवाओं के वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मरीजों को दवाओं के सही उपयोग की जानकारी देने और औषधियों के दुष्प्रभावों से बचाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

गुर्देकर 5 नवंबर को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं 65वें राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत सिंह साहब को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के 70 से अधिक फार्मेसी महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विभिन्न श्रेणियों के फार्मासिस्टों ने भाग लिया। आयोजन में 1200 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।

तीन संकल्पों के साथ जनस्वास्थ्य का संदेश
अपने संबोधन में रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने फार्मासिस्टों को तीन महत्वपूर्ण संकल्प दिलाए। इनमें बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवा दुकान का संचालन नहीं होने देना, डॉक्टर की पर्ची के बिना एंटीबायोटिक का वितरण नहीं करना और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों का पालन केवल फार्मासिस्टों की व्यावसायिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल का कार्यालय अब नवा रायपुर, अटल नगर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित हो गया है। इससे फार्मासिस्टों को पंजीकरण, नवीनीकरण और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
AMR और ADR पर विशेष जागरूकता
कार्यक्रम में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) और एडवर्स ड्रग रिएक्शन (ADR) जैसे गंभीर स्वास्थ्य विषयों पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक इस्तेमाल और निर्धारित कोर्स अधूरा छोड़ना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां पैदा कर सकता है। वहीं, दवाओं से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की समय पर रिपोर्टिंग भी बेहद जरूरी है। इसमें फार्मासिस्टों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
इससे पहले 31 अक्टूबर को रायपुर के मरीन ड्राइव से शंकर नगर तक AMR जागरूकता रैली निकाली गई थी। इसमें विद्यार्थियों और फार्मासिस्टों ने आम लोगों को एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण उपयोग, बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवा नहीं लेने और निर्धारित दवा कोर्स पूरा करने का संदेश दिया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान
राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के तहत प्रदेश के फार्मेसी महाविद्यालयों में पोस्टर, क्विज, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, वाद-विवाद, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कॉलेज स्तर पर चयनित विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय आयोजन में हिस्सा लिया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि दीपक कुमार अग्रवाल के हाथों पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कंट्रोलर दीपक कुमार अग्रवाल (IAS) ने कहा कि जनता को गुणवत्तापूर्ण और सही दवाएं उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवा दुकान संचालित नहीं होने देने, बिना पर्ची एंटीबायोटिक का वितरण रोकने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर नियंत्रण के लिए फार्मासिस्टों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने फार्मासिस्टों को ड्रग एक्सपर्ट, पेशेंट काउंसलर और जनस्वास्थ्य प्रहरी की भूमिका निभाने का आह्वान किया। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोंटू भाई पटेल ने भी आयोजन की सराहना की।
आयोजन को सफल बनाने में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि एवं काउंसिल सदस्य डॉ. आनंद महलवार तथा काउंसिल सदस्य डॉ. चंचल दीप कौर का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर काउंसिल के उपाध्यक्ष राहुल तिवारी सहित सदस्य विजय पारख, निकेश देवांगन, हितानंद अग्रवाल और परमानंद पटेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने सभी अतिथियों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का समापन जरूर हो रहा है, लेकिन फार्मासिस्टों की सेवा और जनस्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और ‘Think Health, Think Pharmacist’ के संदेश के साथ हुआ।