रायपुर :- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा मतदाता सूची (एसआईआर) प्रक्रिया पर दिए गए बयान पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “राजनीतिक हताशा, बौद्धिक दिवालियापन और राज्य की शांति को भंग करने की सोची-समझी साजिश” करार दिया है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा बुरी तरह नकारे जाने के बाद अब कांग्रेस नेतृत्व लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्थाओं से ही बदला लेने पर आमादा हो गया है।
दोहरे चरित्र की पोल खोलती बैठकों की वीडियो रिकॉर्डिंग :-

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने तथ्य उजागर करते हुए कहा, “मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में जब भी मतदाता सूची पुनरीक्षण या एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सर्वदलीय बैठकें बुलाई जाती हैं, तब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष या उनके अधिकृत प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हैं। बंद कमरों में जब भारत निर्वाचन आयोग के जिम्मेदार अधिकारी नियम और आँकड़े सामने रखते हैं, तब यही कांग्रेस नेता आयोग की निष्पक्ष प्रक्रिया पर पूर्ण सहमति व्यक्त करते हैं और इसे पूरी तरह पारदर्शी स्वीकार करते हैं। इन बैठकों की आधिकारिक वीडियो रिकॉर्डिंग निर्वाचन आयोग के पास मौजूद है, जो कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र की पोल खोलने के लिए काफी है।”
बैठकों में मौन सहमति, बाहर आकर जनता में भ्रम और भय फैलाने का खेल :-
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि बैठकों के भीतर सही और निष्पक्ष प्रक्रिया स्वीकार करने वाले कांग्रेस नेता बाहर निकलते ही मीडिया के कैमरों के सामने आकर झूठ परोसना शुरू कर देते हैं। मोहम्मद अकबर द्वारा जीत-हार के अंतर की तुलना विलोपित नामों से करना केवल जनता के मनोविज्ञान से खेलने और उनके मन में चुनाव प्रणाली के प्रति अविश्वास पैदा करने का एक खतरनाक मनोवैज्ञानिक षड्यंत्र है।*भारत निर्वाचन आयोग के कड़े नियमों का पूर्ण पालन*भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से किसी भी नागरिक का नाम हटाना या जोड़ना किसी राजनीतिक दल के हाथ में नहीं, बल्कि भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित कड़े कानूनी नियमों के तहत होता है:ग्राउंड लेवल वेरिफिकेशन : बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाता है।पारदर्शी प्रक्रिया : जो लोग रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित या मृत पाए जाते हैं, केवल उन्हीं के नाम विधिक प्रक्रियाओं का पालन कर हटाए जाते हैं ताकि फर्जी मतदान रोका जा सके।दावे और आपत्तियां : आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत हर पात्र नागरिक को सुनवाई और पुनः नाम जुड़वाने का पर्याप्त अवसर और समय दिया जाता है।
कांग्रेस की बौखलाहट का असली कारण— अपनी हार को न स्वीकार पाना :-
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह अच्छी तरह समझ आ चुका है कि छत्तीसगढ़ की जनता अब उनके किसी झाँसे में आने वाली नहीं है। यही कारण है कि वे अपनी शर्मनाक चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना चाहते हैं। मतदाताओं में भ्रम, अविश्वास और आक्रोश का माहौल बनाकर छत्तीसगढ़ की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। जनता का ध्यान अपनी आंतरिक गुटबाजी और विफलता से भटकाना चाहते हैं।
संविधान का सम्मान करे कांग्रेस, वरना जनता सिखाएगी सबक :-
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने मोहम्मद अकबर और पूरी कांग्रेस पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनमत सर्वोपरि होता है। अपनी हार की झेंप मिटाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग जैसी निष्पक्ष व संवैधानिक संस्थाओं की साख पर हमला करना बंद करें। भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि कांग्रेस अपनी इस घृणित, भड़काऊ और राज्यविरोधी राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगl