बैज का आदिवासियों और बस्तर की अस्मिता का अपमान करने का पुराना स्वभाव : देवलाल ठाकुर

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा बस्तर पण्डुम को लेकर किए जा रहे प्रलाप पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं को बस्तर के गौरव, उसकी समृद्ध संस्कृति और आदिवासी मान-सम्मान से हमेशा से चिढ़ रही है। श्री ठाकुर ने कहा कि जब-जब बस्तर की पहचान, उसकी परंपरा और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय फलक पर सम्मान मिलता है, तब-तब कांग्रेसियों का पेट दर्द शुरू हो जाता है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ‘बस्तर पण्डुम’ जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महापर्व को ‘इवेंट’ बताकर बस्तर के लाखों जनजातीय भाई-बहनों का सीधा अपमान कर रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई नीति, नीयत या मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह टेंट, डोम, फूल-माला और फ्लेक्स के आँकड़े गिनाकर अपनी ओछी राजनीति चमकाने का असफल प्रयास कर रही है। बस्तर पण्डुम कोई राजनीतिक तमाशा नहीं था, बल्कि बस्तर के लोक-कलाकारों, मांझी-चालकियों, पारम्परिक वादकों, शिल्पकारों और जनजातीय धरोहर को सम्मान देने का एक विराट मंच था।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने सवाल दागा कि क्या बैज यह मानते हैं कि बस्तर के कलाकारों और लोक-संस्कृति के लिए किया जाने वाला खर्च फिजूलखर्ची है? जिस बस्तर को कांग्रेस ने अपने 5 वर्षों के कुशासन में सिर्फ बारूद, कमीशनखोरी और घोटालों की भट्ठी में झोंक दिया था, आज उसी बस्तर में विष्णुदेव साय सरकार शांति, समृद्धि और सांस्कृतिक पुनर्जागरण लेकर आई है। बैज के वेंडर और एजेंसी संबंधी आरोपों की धज्जियां उड़ाते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार पूरी पारदर्शिता, ई-टेंडरिंग और नियमों के तहत काम करती है। भूपेश बघेल सरकार की तरह यहाँ बंद कमरों में ‘कमीशन’ और ‘सट्टा-सिंडिकेट’ तय नहीं होते। जिस एजेंसी पर कांग्रेस सवाल उठा रही है, वह शासकीय नियमों, खुली निविदा प्रक्रिया और प्रशासनिक मूल्यांकन के आधार पर चुनी जाती है। श्री ठाकुर ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस के नेताओं को हर काम में अपना ही भ्रष्ट अतीत नजर आता है, क्योंकि इनके 5 साल के कार्यकाल में डीएमएफ से लेकर शराब, कोयला और गोबर तक में घपले और घोटाले हुए।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर ने बाढ़ और आपदा प्रबंधन पर कांग्रेस के प्रलाप को ढोंग करार देते हुए कहा कि साय सरकार बस्तर के हर नागरिक की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। हालिया प्राकृतिक आपदा में जहाँ प्रशासन का एक-एक अधिकारी और स्वयं मुख्यमंत्री राहत कार्यों की मॉनीटरिंग में जुटे रहे, वहीं कांग्रेस के नेता केवल वातानुकूलित कमरों में बैठकर जुबानी जमा-खर्च कर रहे थे। सड़कों, पुल-पुलियों की मरम्मत और राहत पैकेज के काम युद्धस्तर पर चल रहे हैं। बस्तर की जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और आदिवासी विरोधी मानसिकता को भली-भाँति पहचान चुकी है और कांग्रेस के इन अनर्गल बयानों को सिरे से खारिज करती है।

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