रायपुर 23सितंबर 2026। जीएसटी सुधार, टैक्स कटौती से बचत के दावों के एक साल बीतने पर सरकार से सवाल करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक साल पहले आज ही के दिन 22 सितंबर 2025 को जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा करते हुए आम आदमी को बड़ी राहत देने का दावा किया था, विज्ञापनों में जमीनी कहीकत सरकारी दावों के विपरीत है। जीएसटी में छूट का वास्तविक फायदा ग्राहक को नहीं मिला, सत्ता प्रायोजित महंगाई और मुनाफाखोरी की भेट चढ़ गयी, आज दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम 22 सितंबर 2025 की तुलना में और ज्यादा है। जीएसटी सुधार के नाम पर इस सरकार ने जनता से छल किया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार ने स्लैब कम करने, जीएसटी दरों में कटौती और सुधार के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी इसका लाभ आम उपभोक्ता तक नहीं पहुँचा। कीमतें कम होने के बजाय मुनाफाखोरों की जेबें भर रही हैं। राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग और खाद्य विभाग की ओर से कोई एंटी-प्रोफिटियरिंग निगरानी तंत्र या विशेष फ्लाइंग स्क्वाड गठित नहीं किया गया। प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंचा, महंगी दरों पर ही वसूली हो रही है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स राहत की घोषणा केवल विज्ञापनों तक सीमित रह गई है, जिससे सीधे तौर पर आम उपभोक्ता की जेब पर डाका पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार और बड़े सिंडिकेट की साठगांठ से आम जनता के साथ ‘संगठित आर्थिक ठगी’ हो रही है। बेलगाम महंगाई नें आम नागरिक की रसोई और बजट को तबाह कर दिया है। साल भर पहले जीएसटी में राहत और सुधार के ढोल पीटे गए थे, लेकिन जमीनी सच यह है कि जनता आज भी वही बढ़ी हुई कीमतें चुका रही है। भाजपा सरकार की सरपरस्ती में मुनाफाखोर और बिचौलिए ऐश कर रहे हैं और प्रदेश का असल ग्राहक ठगा जा रहा है। जीएसटी राहत के विज्ञापनों पर जनता के करोड़ों रुपये उड़ाए गए, लेकिन उस कथित राहत का लाभ छत्तीसगढ़ के किस उपभोक्ता को मिला? भाजपा सरकार बचत का लाभ जनता से छीनकर पूंजीपतियों और मुनाफाखोरों को दे रही है।