रायपुर : कोलकाता। कोलकाता में एक निजी कंपनी के 5 हजार इक्विटी शेयरों को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे के नाम हस्तांतरित करने का मामला सामने आया है। इस मामले में बोबाजार पुलिस स्टेशन में 30 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मिली जानकारी के अनुसार, Admit Vintrade Private Limited के निदेशक गोपाल कुमार यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर शेयर हस्तांतरण का आरोप :-
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी कंपनी Viewtake Marketing Private Limited के 5,000 इक्विटी शेयरों की वैध मालिक थी। ये शेयर कंपनी ने Future Dealtrade Private Limited से खरीदे थे। शेयरों के प्रमाणपत्र संख्या 5 और 6 बताए गए हैं।शिकायतकर्ता के अनुसार, 27 दिसंबर 2017 को शेयर हस्तांतरण के लिए आवश्यक दस्तावेज Viewtake Marketing Private Limited को सौंपे गए थे। इसके बाद 14 फरवरी 2018 को कंपनी ने शेयरों का हस्तांतरण Admit Vintrade Private Limited के नाम दर्ज कर शेयर प्रमाणपत्र वापस कर दिए थे।

मूल शेयर प्रमाणपत्र समेत 8 दस्तावेज जब्त
आरोप है कि बाद में कंपनी के रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर कर वर्ष 2016-17 के वार्षिक रिटर्न (MGT-7) को दोबारा संशोधित किया गया। शिकायत में कहा गया है कि इस संशोधित रिटर्न के माध्यम से 5,000 शेयरों को महेंद्र गोयनका एवं उनके समूह के नाम दिखाया गया।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी की सहमति के बिना, बिना किसी भुगतान और वैध शेयर हस्तांतरण दस्तावेज के शेयरों का मालिकाना हक बदलने का प्रयास किया गया।



BNS की सात धाराओं में मामला दर
Bowbazar थाना, कोलकाता सेंट्रल डिवीजन में FIR नंबर 0226/2026 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2), 341(2) और 61(2) लगाई गई हैं।FIR में महेंद्र गोयनका, अभिषेक अग्रवाल, अशोक रायकवार, मनीष गोयनका, सुरेंद्र सिंह सलूजा, धनेश शिवहरे और सुशील गोयनका एंड संस सहित अन्य के नाम शामिल हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में फर्जी हस्ताक्षर, मुहर और कॉर्पोरेट दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्जपुलिस FIR में महेंद्र गोयनका, अभिषेक अग्रवाल, अशोक रायकर, महेंद्र गोयनका एंड सन्स, मनीष गोयनका, सुरेंद्र सिंह सलूजा, धनेश शिवहरे और सुशील गोयनका सन्स के नाम दर्ज हैं।


हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।पुलिस ने जब्त किए महत्वपूर्ण दस्तावेजमामले की जांच के दौरान 31 अक्टूबर 2026 को शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शेयर प्रमाणपत्रों सहित कुल आठ प्रकार के दस्तावेज जब्त किए गए। इनमें मूल शेयर प्रमाणपत्र, शेयर ट्रांसफर एडवाइस, कंपनी के बोर्ड बैठक का प्रस्ताव, शेयर खरीद से संबंधित पत्र और वर्ष 2016-17 के MGT-7 के पुराने एवं संशोधित रिकॉर्ड शामिल हैं।पुलिस ने जब्त दस्तावेजों को बोबाजार थाने के मालखाने में सुरक्षित रखा है।


जांच अधिकारी एसआई प्रांतर बनर्जी ने 1 नवंबर 2026 को संबंधित न्यायालय में दस्तावेजों को सुरक्षित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ जांच के लिए सक्षम प्राधिकरण के समक्ष भेजने की अनुमति मांगी है।फिलहाल बोबाजार पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि शेयरों के हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों में वास्तव में कोई फर्जीवाड़ा हुआ है या नहीं और इस कथित मामले में किन लोगों की भूमिका रही है।
शामिल हैं।मूल शेयर प्रमाणपत्र समेत 8 दस्तावेज जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने Admit Vintrade Pvt. Ltd. के नाम पर जारी Viewtake Marketing Pvt. Ltd. के दोनों मूल शेयर प्रमाणपत्र, शेयर ट्रांसफर एडवाइस, बोर्ड बैठक के दस्तावेज और वर्ष 2016-17 के मूल तथा संशोधित वार्षिक रिटर्न की प्रतियां समेत कुल आठ दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त दस्तावेजों को 31 अक्टूबर 2026 को पुलिस मालखाने में सुरक्षित रखा गया।पुलिस ने जब्ती की प्रक्रिया पूरी कर दस्तावेजों को न्यायालय में प्रस्तुत किया है। मामले के जांच अधिकारी एसआई प्रांतर बनर्जी ने आवश्यकतानुसार जब्त दस्तावेजों को विशेषज्ञ जांच के लिए संबंधित प्राधिकरण के पास भेजने की अनुमति भी मांगी है।