राजनांदवोगांव : अवैध शराब के कारोबार को असली ब्रांड का जामा पहनाकर खपाने वाले नेटवर्क पर राजनांदगांव पुलिस ने एक और बड़ा प्रहार किया है। नकली लेबल, होलोग्राम और ढक्कनों के जरिए शराब की पैकेजिंग करने के मामले में पुलिस ने 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
CSP केसरी नंदन नायक ने बताया कि थाना डोंगरगढ़ एवं पुलिस चौकी मोहारा पुलिस द्वारा अवैध शराब के कारोबार एवं नकली लेबल-होलोग्राम के माध्यम से शराब की पैकेजिंग से संबंधित प्रकरण में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है जिसके तहत एक बड़ी कामयाबी मिली है।

इसके साथ ही इस प्रकरण में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 12 हो गई है।पुलिस ने 21 सितंबर को की गई कार्रवाई में 62 नग अवैध शराब, कुल 11.160 लीटर शराब, नकली होलोग्राम स्टीकर, शराब के लेबल, ढक्कन, मोबाइल फोन, एक्टिवा स्कूटी और Grand i10 कार समेत अन्य सामग्री बरामद की है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है, जबकि प्रकरण में अब तक की कार्रवाई में कुल जुमला करीब 7 लाख रुपये बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और ASP कीर्तन राठौर, CSP केसरी नंदन नायक की रणनीति में थाना डोंगरगढ़ एवं चौकी मोहारा पुलिस द्वारा की गई।

कार में शराब, घरों में नकली लेबल-होलोग्राम का खेल :–
पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक नेटवर्क में शराब के परिवहन के साथ-साथ लेबल और होलोग्राम की उपलब्धता तथा पैकेजिंग से जुड़े अलग-अलग स्तरों पर काम किए जाने की आशंका है।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अधजले होलोग्राम, शराब के लेबल, ढक्कन और अन्य पैकेजिंग सामग्री मिलने से पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है।कुमार वर्मा के कब्जे से Grand i10 कार में 21 नग रॉयल गोआ व्हिस्की बरामद हुई। वहीं पूरन वर्मा के कब्जे से अधजला होलोग्राम, शराब का लेबल और राख बरामद हुई। राजेश्वर वर्मा के पास से 15 होलोग्राम स्टीकर, जम्मू स्पेशल व्हिस्की का लेबल और 5 ढक्कन मिले।ओमप्रकाश साहू के कब्जे से 21 नग शराब, मोबाइल और बिना नंबर की एक्टिवा बरामद की गई। गौतम बाई के कब्जे से 20 नग रॉयल गोआ स्ट्रीट व्हिस्की मिली, जिन पर उत्तराखंड का लेबल लगा हुआ था।

पहले 6 आरोपी भी हो चुके हैं गिरफ्तार :-
इस मामले में पुलिस इससे पहले दऊआ वर्मा, नन्द किशोर वर्मा, तेजेश्वर साहू, देवव्रत वर्मा, आनंद अग्रवाल और जयकरण सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब 6 और गिरफ्तारियों के बाद पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।मोबाइल, UPI और कॉल डिटेल से खुलेगा नेटवर्क का राजपुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। UPI लेन-देन और कॉल डिटेल का परीक्षण कराया जा रहा , ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली लेबल और होलोग्राम कहां से हासिल किए जा रहे थे, शराब की पैकेजिंग और परिवहन में कौन-कौन शामिल था तथा तैयार माल की सप्लाई कहां तक हो रही थी।पुलिस द्वारा जब्त शराब, लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री का आबकारी विभाग तथा आवश्यकतानुसार FSL और संबंधित निर्माण इकाइयों से परीक्षण एवं सत्यापन भी कराया जा रहा है।पुलिस की नजर अब नेटवर्क के ‘मास्टर कनेक्शन’ परजांच अब सिर्फ अवैध शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है।

पुलिस शराब के स्रोत, नकली लेबल-होलोग्राम की सप्लाई, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र और सामूहिक कृत्य से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और ASP कीर्तन राठौर, CSP केसरी नंदन नायक की रणनीति में थाना डोंगरगढ़ एवं चौकी मोहारा पुलिस द्वारा की गई।