नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली एक बार फिर तेज हुई है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹20,974 करोड़ की निकासी की है। इसके साथ ही 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब ₹2.45 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
विदेशी निवेशकों के सतर्क रुख के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक बताए जा रहे हैं। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, बॉन्ड यील्ड में बदलाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, रुपये की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव जैसे मुद्दों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ने की स्थिति में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों में अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं। भारत में लगातार विदेशी बिकवाली के बीच अब बाजार की नजर घरेलू संस्थागत निवेशकों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
₹2.45 लाख करोड़ की बिकवाली पर बाजार की नजरसाल 2026 में विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। हालांकि, बाजार में घरेलू निवेश और कंपनियों के बुनियादी प्रदर्शन समेत कई अन्य कारक भी शेयरों की दिशा तय करते हैं। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का रुख वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल और रुपये की चाल से प्रभावित हो सकता है।