बिजनौर। हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बिजनौर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस समय हंगामा हो गया, जब गिरफ्तार महिला आरोपी शायमा अचानक फूट-फूटकर रोने लगी। महिला ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस पर गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह लोगों को रेप, गैंगरेप, POCSO और SC/ST एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देता था। इसके बाद मुकदमे से बचाने और समझौता कराने के नाम पर कथित तौर पर रकम वसूली जाती थी। पुलिस के अनुसार मामले में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और गिरोह से जुड़े मामलों में 12 FIR दर्ज हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला आरोपी शायमा ने दावा किया कि उसे और उसकी बच्ची को नजीबाबाद ले जाकर जबरन वीडियो बनाए गए। उसने पुलिस से खुद को निर्दोष बताते हुए मामले में न्याय की गुहार लगाई। हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए ये आरोप उसके बचाव का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि या जांच का परिणाम सामने आना अभी बाकी है।
पुलिस का दावा है कि गिरोह बिजनौर और अमरोहा में लोगों को निशाना बनाकर गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी देता था और फिर समझौते के नाम पर पैसे वसूलता था। पुलिस के मुताबिक, चार महिला आरोपियों के पास से 13 फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका, कथित फर्जी पहचान और पैसों की वसूली से जुड़े मामलों की जांच कर रही है।