लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के नेत्र रोग विभाग में मरीजों से लेंस, दवाएं और सर्जिकल उपकरण बाहर से मंगाने के आरोपों के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अपजित कौर को प्रो-वीसी पद से हटा दिया गया है।
उनकी जगह क्वीनमेरी की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अंजू अग्रवाल को प्रो-वीसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।मामला उस समय सामने आया जब नेत्र रोग विभाग में उपचार के लिए पहुंचे कुछ मरीजों और तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले लेंस और दवाओं के बजाय उन्हें बाहर से खरीदारी करने के लिए कहा गया।शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए KGMU प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच के दौरान ऐसे 17 मरीजों का उल्लेख किया गया, जिनसे बाहर से दवाएं और अन्य सर्जिकल उपकरण मंगाए जाने की बात सामने आई।शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से निर्धारित ब्रांड के लेंस खरीदने के लिए निर्देशित किया गया।
इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात सामने आई।इस मामले में नेत्र रोग विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संजीव गुप्ता को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब जांच के बीच प्रो. डॉ. अपजित कौर को प्रो-वीसी पद से मुक्त किए जाने का आदेश जारी किया गया है।मामले में KGMU प्रशासन की कार्रवाई को मरीजों की शिकायतों के प्रति गंभीर रुख के तौर पर देखा जा रहा है।