रायपुर, 22 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर बुधवार को प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक टकराहट का गवाह बना। राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन का घेराव किया, वहीं इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता काला झंडा लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। दोनों दलों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश और तीखी नारेबाजी के बीच हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।भाजपा के प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित कई मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास के घेराव की कड़ी आलोचना की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे।कांग्रेस का पलटवार, भाजपा कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शनभाजपा के घेराव के जवाब में कांग्रेस ने भी तत्काल पलटवार किया। कांग्रेस कार्यकर्ता काले झंडे लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंच गए और राज्य सरकार तथा भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पुलिस ने यहां भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की।
भाजपा कार्यालय के बाहर भी काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।अरुण साव बोले— प्रधानमंत्री आवास का घेराव लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफउपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास का घेराव लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और पदों का सम्मान करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है तथा ऐसे कदम लोकतंत्र के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी साधा निशानाइस राजनीतिक टकराव से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया मंच X पर राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन को निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में इस प्रकार का प्रदर्शन लोकतांत्रिक गरिमा के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार NEET पेपर लीक मामले में पहले से गंभीरता से कार्रवाई कर रही है, जबकि कांग्रेस युवाओं के मुद्दे की आड़ में देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रही है।दिनभर छाया रहा सियासी तनावराजधानी में दिनभर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। एक ओर भाजपा ने प्रधानमंत्री आवास घेराव को लोकतंत्र पर हमला बताया, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन को विपक्ष को दबाने की कोशिश करार दिया। दोनों दलों के आमने-सामने आने से राजधानी की राजनीति पूरे दिन गरमाई रही और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को लगातार मोर्चा संभालना पड़ा।