गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन खुद खेतों में पहुंचे और किसानों के प्रक्षेत्रों का निरीक्षण कर खेती-किसानी की जमीनी हकीकत जानी।
ग्राम लालपुर में प्रगतिशील किसानों के खेतों का दौरा करते हुए उन्होंने फसल विविधीकरण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए किसानों को नई सोच के साथ खेती अपनाने का संदेश दिया।

कलेक्टर डॉ. देवांगन ने जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे के साथ राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत विकसित प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसान सौरभ राठौर द्वारा पांच एकड़ में लगाई गई लौकी की फसल और शैलेष राठौर द्वारा डेढ़ एकड़ में की जा रही फूलगोभी की खेती का निरीक्षण किया। खेतों में पहुंचकर उन्होंने किसानों से सीधे संवाद किया और उत्पादन, लागत, बाजार तथा मुनाफे की विस्तृत जानकारी ली।

धान पर निर्भरता कम करने की सलाह :-
कलेक्टर ने किसानों से कहा कि बदलते समय में केवल धान की खेती पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाकर कम भूमि में अधिक लाभ कमाया जा सकता है। उन्होंने किसानों को फसल चक्र और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन बढ़ेगा और आय के नए अवसर भी बनेंगे।
किसानों के बीच पहुंचा प्रशासन :-
खास बात यह रही कि कलेक्टर ने कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने के बजाय खेतों में पहुंचकर किसानों की समस्याओं, चुनौतियों और सफलताओं को समझा। उनके इस दौरे को किसानों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और कृषि विकास को लेकर गंभीर पहल के रूप में देखा जा रहा है।
खेती को लाभ का सौदा बनाने पर जोर :-
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कहा कि फसल विविधीकरण ही भविष्य की खेती का आधार है। यदि किसान धान के साथ-साथ सब्जी, बागवानी और अन्य नकदी फसलों को अपनाएं तो उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।