बस्तर : छत्तीसगढ़ में 31मार्च नक्सल समाप्ति के बाद बस्तर और देश के जनमन में विश्वास जगाने के लिए और लोगों के मन में व्याप्त भय और भ्रम दूर करने के लिए नारायणपुर से लेकर इतिहास के घनघोर नक्सल प्रभावित रास्तों में चलते हुए नक्सलियों की तथाकथित राजधानी कर्रेगुटा तक तिरंगा यात्रा लेकर बाइक में निकले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा साथ में पूरे रास्ते तक उनके साथ वन मंत्री केदार कश्यप भी 100 बाइक के साथ सहयात्री बने।a
रक्तरंजित इतिहास की धरती से तिरंगे का संदेश:-
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि तिरंगा यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि यात्रा जिन स्थानों से होकर गुजर रही है, वे नक्सली हिंसा के बड़े और रक्तरंजित संघर्ष के गवाह रहे हैं। श्यामगिरी में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बम विस्फोट में हत्या की गई। दोरनापाल में 33 ग्रामीणों के घर जलाकर उनकी हत्या की गई। मनिकोंटा में 16, बुर्कापाल में 29 और ताड़मेटला में 76 जवानों की शहादत, नक्सलियों की तथा कथित राजधनी कररेगुटा पर संघर्ष के बाद फतह इस बात की गवाह है कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र और तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए देश ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा उन सभी शहादतों को सम्मान देने की यात्रा है।

शहीद जवानों की कुर्बानी और आज के जवानों की भुजाओं की ताकत से ही बस्तर में लोकतंत्र फिर मुस्कुरा रहा है और तिरंगा घर-घर में लहरा रहा है। बस्तर तिरंगा यात्रा विजय शर्मा ने एर्राबोर पहुंचकर नक्सल हिंसा में शहीद हुए 33 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पुनर्वासित महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं सांसद महेश कश्यप को राखी बांधकर रक्षा सूत्र के माध्यम से अपने विश्वास और नए बस्तर की उम्मीदों से जोड़ा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज कट्टम ज्योति जीत गई और नक्सली हार गए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष की मासूम कट्टम ज्योति की नक्सलियों ने नृशंस हत्या कर दी थी। आज उसी बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है। एर्राबोर की घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने पूरी बस्ती को आग के हवाले कर निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या की थी। वे कहते थे कि वे लोगों की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन बंदूक का डर दिखाकर और निर्दोष लोगों की हत्या करके रक्षा करने का यह ढोंग अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

शर्मा कहा कि बस्तर के विकास के लिए किसी बाहरी संसाधन पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। बस्तर स्वयं इतना समृद्ध है कि अपनी लघु वनोपज, प्राकृतिक सौंदर्य और प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर अपनी विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। बस्तर की बहनों द्वारा बांधी गई राखी को विश्वास का रक्षा सूत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इस विश्वास और जिम्मेदारी के नाते वे पूर्ण भरोसा दिलाते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार बस्तर के विकास में सदैव पूरी ताकत से सहयोग करेगी।
शहीद स्थलों पर पौधारोपण, पवित्र मिट्टी का संग्रहण:-
बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भुसारास, एर्राबोर, पोलमपल्ली, ताड़मेटला, मनिकोंटा, बुर्कापाल, दोरनापाल, चिंतागुफा, श्यामगिरी और चिंतलनार में शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया। उन्होंने इन शहीद स्थलों की पवित्र मिट्टी को भी संग्रहित किया। यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों, शहीद परिवारों, पुनर्वासित लोगों और पुलिस जवानों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। तिरंगा यात्रा जे सहयात्री कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा मैं इसी बस्तर की माटी में पैदा हुआ मेरा परिवार सालों से इसी माटी के विकास के लिए जिया। मैंने स्वयं नक्सलवाद का दंश झेला हूँ। मेरे भाई की हत्या नक्सलियों ने की थी। आज जब मैं एक एक शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए जा रहा हूँ, उनके नाम से वृक्षारोपण कर रहा हूँ, उनके परिजनों से मिल रहा हूँ तो ऐसा लग रहा है मैं अपने परिवार के दुख बाँट रहा हु। बस्तर में नक्सलवाद का खात्मा मेरी निजी खुशी का भी विषय है। केदार कश्यप ने कहा बस्तर के विकास के लिए कार्य करना ऐसा ही है जैसे अपने परिवार का कार्य करना। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आज जब हम तिरंगा यात्रा में घर-घर में तिरंगा लगा रहे हैं तो बस्तर के लोग स्वयं कह रहे हैं कि अब हम पूर्ण स्वतंत्रता की सांस ले रहे है।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ विकसित होगा बस्तर:-
उप मुख्यमंत्रीश्री विजय शर्मा ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर में तिरंगा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आने वाले समय में बस्तर में भी व्यापक बदलाव दिखाई देगा और बस्तर देश का सबसे विकसित जनजातीय संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में विकास बस्तर के लोगों की आवश्यकताओं, आकांक्षाओं और सहभागिता के अनुरूप होगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से बस्तर के विकास के लिए दोगुनी गति से कार्य करने का आह्वान किया। यात्रा के अंतिम दिन करेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में वृक्षारोपण किया उसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में ध्वजारोहण किया । उन्होंने कहा की यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है मैं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ रहे स्थान में आप के सानिध्य में झंडा फहरा रहा हु। लोग कहते है मंत्री जी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने कैम्प जाते है। वास्तविकता यह है कि मै तो आप से ऊर्जा प्राप्त करने आता हूं। उन्होंने कहा कि जवानों किं हिम्मत को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ठ सेवा व सरहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है।
मंत्री द्वय ने 3 दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर इन 5 जिलों में लगभग 600 किमी की तिरंगा यात्रा बाइक से पूर्ण की।