सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति पर गरजे चरणदास महंत,लिखा पत्र, कहा—नियुक्तियां नहीं होने से प्रभावित हो रही पढ़ाई, छात्रहित में तत्काल जारी हों आदेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति तत्काल किए जाने की मांग की है।डॉ. महंत ने अपने पत्र में कहा है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया जा चुका है और उसके अनुसार 1 जुलाई से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाओं का अध्यापन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित स्नातक स्तर के प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाएं भी सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने चिंता जताई कि इसके बावजूद प्रदेश के अनेक महाविद्यालयों में नियमित व्याख्याताओं के रिक्त पदों के विरुद्ध अभी तक अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।पत्र में डॉ. महंत ने कहा कि शासकीय अतिथि व्याख्याता नीति (यथा संशोधित 2026) के अनुसार अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभाग को शीघ्र नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिए जाएं।उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियुक्ति आदेश जल्द जारी कराने का आग्रह किया है, ताकि प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुचारू हो सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।महंत के पत्र से सरकार पर बढ़ा दबावशैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति लंबित रहने का मुद्दा सामने आने से उच्च शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करती है।

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