गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 17 जून। जिले में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों को लेकर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह, बाल शोषण और भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े सभी मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।कलेक्टर की अध्यक्षता में अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में बाल विवाह रोकथाम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल संरक्षण सेवाओं और पॉक्सो मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि जिले में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत दोनों नगरीय निकायों और 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है। जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से 30 बाल विवाह रुकवाए गए, जबकि एक मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई।कलेक्टर देवांगन ने बाल कल्याण समिति के लंबित प्रकरणों पर चिंता जताते हुए शेष 47 मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि समिति के समक्ष आए कुल 81 प्रकरणों में से 34 का निराकरण किया जा चुका है।बैठक में यह भी बताया गया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से प्राप्त 57 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है और वर्तमान में कोई भी मामला लंबित नहीं है। कलेक्टर ने हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।डॉ. देवांगन ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने, बाल संरक्षण तंत्र को और मजबूत करने तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिला बाल संरक्षण इकाई में 18 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भरा जाएगा। वहीं स्पॉन्सरशिप योजना के तहत पात्र बच्चों को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।बैठक में अपर कलेक्टर, प्रभारी पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण विभाग तथा बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।