FEMA जांच के दायरे में वेदांता, कई ठिकानों पर ED की छापेमारी

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वेदांता समूह के विभिन्न ठिकानों पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में छापेमारी की है।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने सोमवार से तलाशी अभियान शुरू किया, जो कई स्थानों पर जारी रहा। वेदांता ग्रुप के अलग-अलग ठिकानों पर ED का छापा।मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने वेदांता समूह के खिलाफ FEMA के संभावित उल्लंघनों की जांच शुरू की है। इसी क्रम में कंपनी के परिसरों में दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब वेदांता लिमिटेड को अपने प्रस्तावित डीमर्जर प्लान के लिए सिक्योर्ड लेनदारों से मंजूरी मिली है। इस योजना के तहत कंपनी को पांच स्वतंत्र इकाइयों में विभाजित करने का प्रस्ताव है।वेदांता समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल के महीनों में देश की खनन और प्राकृतिक संसाधन नीतियों को लेकर कई सार्वजनिक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था कि पिछले दस वर्षों में नीलाम किए गए अधिकांश माइनिंग ब्लॉक अब तक उत्पादन शुरू नहीं कर पाए हैं। अग्रवाल ने भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और वन मंजूरियों में देरी को इसके प्रमुख कारणों में शामिल बताया था।हालांकि, ED की वर्तमान कार्रवाई को इन बयानों से जोड़कर देखने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी की ओर से भी अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।गौरतलब है कि FEMA के तहत विदेशी मुद्रा लेन-देन, विदेशी निवेश और विदेशों में संपत्ति अथवा धन के हस्तांतरण से जुड़े मामलों की जांच की जाती है। नियमों के उल्लंघन की आशंका होने पर ED संबंधित व्यक्तियों या कंपनियों के खिलाफ जांच और तलाशी की कार्रवाई कर सकती है।फिलहाल, मामले में ED और वेदांता समूह की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।नोट: “अनिल अग्रवाल केंद्र सरकार के निशाने पर आ गए हैं” जैसी बात का कोई आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, इसलिए समाचार में इसे तथ्य के रूप में लिखने से बचना चाहिए। इससे खबर अधिक विश्वसनीय और कानूनी रूप से सुरक्षित रहती है।

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