रायपुर। शहीद डीएसएफ आरक्षक स्वर्गीय धनेश्वर नुरेटी के एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा दावे में कथित अनियमितता और अवैध वसूली के मामले में नारायणपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि शहीद जवानों और उनके परिवारों के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दिवंगत आरक्षक की पत्नी को मिलने वाले एक करोड़ रुपये के बीमा दावे में कथित गड़बड़ी और अवैध वसूली का प्रयास न केवल शर्मनाक है, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे मामलों में सरकार ने त्वरित कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून सभी के लिए समान है।चिमनानी ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार में जनता के अधिकारों पर डाका डालने या रिश्वतखोरी करने वालों को सीधे जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मामले में शामिल फरार अधिवक्ता को भी जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार न्याय दिलाने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।