रेत के अवैध उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: बिना ट्रांजिट पास परिवहन पर प्रशासन सख्त

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रायपुर, 26 मई 2026/रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सुकमा जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर जिला खनिज जांच दल और पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को कुड़ुकरास क्षेत्र में औचक निरीक्षण करते हुए 3 हाइवा और 5 ट्रैक्टरों समेत कुल 8 वाहनों को पकड़ा है। इस कड़े एक्शन के बाद क्षेत्र में खनिज के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जिले के प्राकृतिक संसाधनों की चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संयुक्त टीम की औचक दबिश, रेत खाली कर भागने का प्रयास विफल खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई औचक जांच के दौरान वस्तुस्थिति इस प्रकार रही। जांच के दौरान कुड़ुकरास क्षेत्र में 3 हाइवा और 5 ट्रैक्टरों को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाया गया। इनमें से अधिकांश वाहनों के पास कोई वैध ट्रांजिट पास (Transit Pass) उपलब्ध नहीं था। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 5 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान 3 वाहन चालकों ने शातिरता दिखाते हुए पकड़े जाने के डर से रेत को वहीं खाली कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद प्रशासनिक टीम ने उन्हें भी घेराबंदी कर धर दबोचा। इन कड़े कानूनी नियमों के तहत होगी दंडात्मक कार्रवाई खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए सभी वाहनों और उनके स्वामियों के खिलाफ निम्नलिखित कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली, 2015, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम, 2009, खनिज अधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि बिना वैध अनुमति और रॉयल्टी पर्ची के खनिजों का अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी लगातार जारी रहेगा औचक निरीक्षण जिला प्रशासन ने सभी खनिज ठेकेदार और परिवहनकर्ता अपनी गतिविधियां पूरी तरह नियमों के दायरे में रहकर ही संचालित करें। अवैध उत्खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। कलेक्टर के निर्देशानुसार खनिज व पुलिस की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में औचक जांच की कार्रवाई और तेज की जाएगी। प्रशासन की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई को सुकमा जिले में अवैध उत्खनन माफियाओं के खिलाफ एक प्रभावी कदम माना जा रहा है। इससे न केवल राजकीय राजस्व की क्षति रुकेगी, बल्कि वनांचल के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कानून व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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