जशपुर में ‘मृतक की पहचान’ बदलकर जमीन हड़पने का आरोप, अधिवक्ता ने खोला कथित फर्जीवाड़े का बड़ा खेल

Uncategorized

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लुडेग गांव से कथित जमीन फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। रायगढ़ के अधिवक्ता विकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि सुनियोजित साजिश के तहत कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर उनकी पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया और राजस्व अभिलेखों में भी कथित हेराफेरी कर नामांतरण हासिल कर लिया गया।अधिवक्ता के अनुसार, वर्ष 1984 में हुई भूमि बिक्री के वर्षों बाद आरोपियों ने कथित तौर पर नामों की समानता का फायदा उठाते हुए मृतक व्यक्ति की जगह दूसरे व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण-पत्र राजस्व विभाग में प्रस्तुत कर दिया।

आरोप है कि इसी आधार पर स्वयं को कानूनी वारिस बताकर जमीन का नामांतरण अपने पक्ष में करा लिया गया।पीड़ित का दावा है कि प्रस्तुत दस्तावेजों में पिता के नाम तक में बदलाव किया गया। उनका कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज मूल जानकारी से अलग विवरण देकर सरकारी अभिलेखों में बदलाव कराया गया, जिससे पूरे नामांतरण की प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कथित रूप से फर्जी नामांतरण के बाद आरोपी अब उनकी वैध भूमि खसरा नंबर 132/2/ड/2 पर भी जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

उनका कहना है कि उन्हें अपनी ही जमीन पर जाने से रोका जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।इस मामले में अधिवक्ता ने पत्थलगांव थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही राजस्व विभाग से कथित फर्जीवाड़े के आधार पर हुए नामांतरण को तत्काल निरस्त करने और उनकी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है।

अब यह मामला जशपुर पुलिस और राजस्व प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल भूमि विवाद नहीं बल्कि सरकारी दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़े और संगठित धोखाधड़ी का गंभीर मामला साबित हो सकता है। वहीं, मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।(नोट: यह खबर शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना शेष है।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *