रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में दिनांक 20 दिसंबर 2025 को विद्यार्थियों द्वारा अपनी 5 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किया गया था। उक्त आंदोलन के पश्चात विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए मुख्य अनुशासन अधिकारी (Chief Proctor) के माध्यम से दिनांक 27 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर आंदोलन में सम्मिलित विद्यार्थियों पर अनधिकृत विरोध प्रदर्शन, अव्यवस्थित आचरण एवं अधिकारियों से दुर्व्यवहार जैसे निराधार आरोप लगाते हुए कुछ विद्यार्थियों को निष्कासित तथा कुछ को 6 माह के लिए निलंबित कर दिया गया था।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस निर्णय को प्रारंभ से ही लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। ABVP का स्पष्ट मत है कि विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक एवं मूलभूत समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने का पूर्ण अधिकार रखते हैं। प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की आवाज को दबाने हेतु इस प्रकार के दमनात्मक निर्णय लेना न केवल निंदनीय है, बल्कि शैक्षणिक वातावरण को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
इन्हीं मांगों को लेकर आज दिनांक 08 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायपुर महानगर द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय में आंदोलन किया गया।
आंदोलन के पश्चात रजिस्ट्रार द्वारा तत्काल प्रभाव से सभी 75 निलंबित छात्रों को पुनः प्रवेश प्रदान किया गया, साथ ही निष्कासन एवं अन्य मांगों के लिए 7 दिन में समस्याओं के समाधान का आश्वासन।
ABVP की प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं —
- निष्कासित एवं निलंबित सभी छात्रों को तत्काल पुनः प्रवेश दिया जाए।
- आंदोलन में सम्मिलित किसी भी विद्यार्थी के साथ भविष्य में किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए।
- हॉस्टल मैस में भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार किया जाए।
- विश्वविद्यालय एवं हॉस्टल परिसर में सुचारू एवं प्रभावी Wi-Fi सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- संगोष्ठी/सेमिनार के नाम पर विद्यार्थियों से अनिवार्य रूप से वसूले जाने वाले शुल्क को समाप्त कर स्वैच्छिक किया जाए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्पष्ट करती है कि यदि प्रशासन द्वारा तय समय-सीमा में शेष मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो परिषद पुनः उग्र आंदोलन, अनिश्चितकालीन आंदोलन एवं विश्वविद्यालय बंद जैसे विकल्पों पर विचार करेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
सुजल गुप्ता रायपुर महानगर मंत्री ने कहा
“कलिंगा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों पर की गई निष्कासन एवं निलंबन की कार्रवाई पूरी तरह तानाशाही को दिखाता है। तब ABVP द्वारा आंदोलन के दबाव में आज प्रशासन को सभी छात्रों को पुनः प्रवेश देना पड़ा है। हम स्पष्ट करते हैं कि यदि 7 दिनों के भीतर मैस, Wi-Fi एवं सेमिनार शुल्क जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो ABVP इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।”