एक नाम, जो कानून को मुट्ठी में दबाकर हँसता है, और प्रशासन गर्दन झुका लेता है…
बलरामपुर : जब एक अपराधी खुलेआम घूमे, जब पीड़ित आत्महत्या करें, जब थाने शिकायतों से भर जाएं और फिर भी कोई गिरफ्तारी न हो तो यह समझ लेना चाहिए, कानून मर चुका है और उसका कातिल कोई और नहीं, बल्कि ‘ सेठ’ जैसे माफिया हैं!FIR, मौत, मगर वही पुरानी चुप्पी : 06 मई को दर्ज FIR […]
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