समस्या का अनुसंधान करा कर जड़ से खत्म किया जाएगा,स्वास्थ्य मंत्री

Chhattisgarh

रायपुर : गरियाबंध जिले के सुपेबेड़ा में पूरा गांव किडनी से पीड़ित हैं,प्रभावित ग्राम सुपेबेड़ा में पिछले 19 सालों से शुरू है मौत का सिलसिला, तक 140 से ऊपर लोगों की मौत हो चुकी है, बीते शुक्रवार याने तीन दिनों पहले एक और मौत हो गई हैm,पिछली सरकार ने यहां के लोगों को सुरक्षित कैसे हों इसके लिए हर प्रयास करने का दावा किया,दिल्ली से स्पेशल डॉक्टर टीम बुलाया,कारण का रिशर्च किया जा रहा है,लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा भी देने की दावा किया जाता रहा,आयरन युक्त पानी के चलते इस गांव में वर्तमान में लगभग हर घर मे कोई न कोई किडनी की बीमारी से प्रभावित है,,

सुपेबेड़ा में 2005 से शुरू हुई थी किडनी की बीमारी से मौत  का सिलसिला , धीरे-धीरे करके पिछले 19 सालों में 141 जिंदगियों को मौत ने निगल लिया, लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतने सालों में राज्य में शासन करने वाली बीजेपी और कांग्रेस की सरकार ने विपक्ष में रहते हुए किडनतो इसे मुद्दा बनाए रखा है, लेकिन सत्ता में आते ही की बीमारी से मौत नहीं होने का दबाव प्रशासन पर बनाते रहे. मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले परिवार सोनवानी परिवार 2017 से बीमारी का इलाज करा रहे थे, एम्स में भर्ती थे ,और इस बीमारी से मौत हो गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बड़ा बयान,किया दावा  कहा आचार संहिता के बाद गरियाबंद जिले के सुपेबेडा में किडनी की समस्या आ रही है समस्या का अनुसंधान करा कर जड़ से खत्म किया जाएगा,स्वास्थ्य मंत्री बना हो तब से नियमित रूप से चिकित्सकों को दौरे करने का और वहां का रिपोर्ट को इलाका परीक्षण करने का निर्देशित किया है,क्षेत्र में डॉक्टरों को पर्याप्त भेजा गया है

इस मामले को लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर उठाया सवाल, साय सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए,कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का बयान कहा, सुपेबेडा में जहां पर पानी की गंभीर समस्या थी वहां पर के लोग बीमारी से पीड़ित हो रहे थे,कांग्रेस की सरकार थी तो बेहतर प्रबंधन किया था। डायलिसिस की व्यवस्था की गई थी,पानी की व्यवस्था की गई थी,, लेकिन 3 महीने में साय सरकार बनने के बाद सारी अव्यवस्था हो गई है ,अब फिर से इस बीमारी से मौत होना शुरू हो गई है ,कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी की नाकामी है।

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