रायपुर। ब्रह्मलीन जगतगुरू शंकराचार्य द्वि पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज को श्रद्धांजली अर्पित करने आयोजित कार्यक्रम में सामान्य शिष्टाचार के अवहेलना की चर्चा लोगों में रही। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपना जूता उतार कर मंच पर चढ़े अपना संबोधन दिया और वहीं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष व कैबनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राजेन्द्र तिवारी ने जूता पहन कर मंच पर चढ़कर कर अपना संबोधन दिया।

श्रद्धाजलि अर्पित सभा में लोग इसको देख कर लोग चर्चा करते रहे । कार्यक्रम के दौरान इसे देख कई पधारे लोगों ने देखा और इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं रही।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को टाउन हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुये। श्रद्धांजलि सभा में ब्रह्मलीन शंकराचार्य को नमन करते हुये स्वस्ति वाचन एवं शांति पाठ किया गया । सभा में मुख्यमंत्री समेत विभिन्न नागरिकों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, स्वरूपानंद सरस्वती महाराज का विराट व्यक्तित्व था, उनके वचन हम सबके लिये अमृत समान हैं । उनके युग में हम सब पैदा हुये ये हम सभी का सौभाग्य है । उनके बताये मार्ग पर हम सभी चलें यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।उन्होंने पुरानी स्मृतियों को याद करते हुये कहा कि जब भी महारज जी छत्तीसगढ़ आते थे उनके दर्शन का पुण्य लाभ जरूर लेता था । उन्होंने अपना पूरा जीवन , धर्म और समाज के लिये समर्पित कर दिया था । शंकराचार्य जी बाल्यकाल से ही मेधावी थे और उन्हें सभी धर्म ग्रंथ कंठस्थ थे । उन्होंने आजादी के आंदोलन में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, अंग्रेजो से लड़ाई भी लड़ी । मैं सौभाग्यशाली हूं कि जब मैं राजस्व मंत्री था तब मेरे हस्ताक्षर से छत्तीसगढ़ में उनके आश्रम के लिये जमीन आवंटित हुई, फिर हमारी सरकार आने पर आश्रम के लिये निशुल्क जमीन का पट्टा सौंपा ।
ये थे उपस्थित
श्रद्धांजलि सभा में सीएम भूपेश बघेल के साथ मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, मंत्री कवासी लखमा, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, विधायक कुलदीप जुनेजा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।