रायपुर : भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के ‘आइटम गर्ल’ वाले बयान पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्मा गई है। आबकारी और उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने उनके बयान को आदिवासी समाज का अपमान बताया है। उन्होंने इस बयान के लिए अजय चंद्राकर को माफी मांगने को कहा है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आदिवासी समाज सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने को तैयार है। समाज अजय चंद्राकर को बस्तर में घुसने नहीं देगा। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा, मैंने आदिवासी समाज के बारे में कुछ नहीं कहा, कांग्रेस इस बयान को राजनीति से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
पत्रकारों से चर्चा में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा, अजय चंद्राकर ने उनके लिए आइटम गर्ल शब्द प्रयोग कर उनका ही नहीं, बस्तर के आदिवासी समाज का भी अपमान किया है। उनकी भावना और आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। मैं एक सुदूर अंचल बस्तर का हूं। भारतीय जनता पार्टी की यही मानसिकता है, कमजोर आदमी को दबाने का काम, आज सिद्ध हुआ है। श्री चंद्राकर के बयान के बाद से ही बस्तर हो या फिर सरगुजा, पूरे आदिवासी समाज के लोग सुबह से ही फोन कर रहे हैं। अजय चंद्राकर जब तक के माफी नहीं मागेंगे, हमारे आदिवासी समाज और आदिवासी विधायकों द्वारा विधानसभा के अंदर और विधानसभा के बाहर इस बात को रखा जाएगा। केवल मुझे ही नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज को उनके बयान से ठेस पहुंची है। अगर वे माफी नहीं मांगते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा, अपने इस बयान के लिए श्री चंद्राकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आदिवासी समाज सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने को तैयार है। समाज अजय चंद्राकर को बस्तर में घुसने नहीं देगा।
भाजपा नेतृत्व से भी कार्रवाई की मांग
कवासी लखमा ने कहा, वे भाजपा नेतृत्व से भी पूछना चाहते हैं कि वे अजय चंद्राकर के इस बयान से सहमत हैं? क्या रमन सिंह इस बात से सहमत हैं? क्या विष्णुदेव साय और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक अपने विधायक के इस बयान से सहमत हैं? अगर नहीं तो भाजपा बताए कि वह क्या कार्रवाई कर रही है।
मैंने आदिवासी समाज का अपमान नहीं किया : चंद्राकर
भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि मैंने आदिवासी समाज के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। आदिवासी समाज का कभी अपमान नहीं किया है। मैंने सिर्फ यह कहा कि मंत्रिमंडल में कवासी लखमा आइटम गर्ल हैं। उनके बयान को गंभीरता से नहीं लेता। मामले को कांग्रेस जबरदस्ती राजनीति से जोड़ रही है।