साहब आखिर कब तक जंगल से सागौन कटते रहेंगे…..

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बीजापुर : ईश्वर सोनी : बीजापुर नगरपालिका क्षेत्र में अवैध रूप से दर्ज़नो हाथ आरा मशीन चलते हैं , जहां से प्रतिदिन इस नगरपालिका के अन्दर से 2 ट्रक खुदरा फर्नीचर की आपूर्ति गाँव से लेकर शहर तक होती हैं , जंगल से अवैध सागौन नगरपालिका क्षेत्र तक पंहुचाने में विभागीय कर्मचारी वन माफियो की पूरी मदद करते है ,सूत्रों के अनुसार जब वनमाफ़िया जंगल से अवैध सागौन मुख्यालय लाते है तो कुछ विभागीय कर्मचारियों को बकायदा उसका कमीशन देते है जिसके चलते विभागीय कर्मचारी उस अवैध सागौन को नाका पार करवाने है सुरक्षित घर तक पंहुचाने में हर सम्भव मदद करते है।

सूत्रों बताते है कि कुछ चुनिन्दा दुकानदार मुख्यालय मे ऐसे हैं जिनसे इन विभागीय कर्मचारियों की माहवारी तय है जिनके द्वारा नजदीक स्थित जंगल से सागौन की अवैध कटान करवाई जाती हैं तथा उस लकड़ी को अपने मकान के अंदर लगे 02 से 05 हार्श पवार के लकड़ी चीरने वाली छोटी -2 मशीनों द्वारा चिर कर दीवान,सोफा सेट,डाईनिंग, अलमारी ,तख्त ,दरवाजा खिड़की,निर्मित कर बेची जाती हैं।

यह धन्धा जिला मुख्यालय में वन विभाग के नाक के नीचे चल रहा हैं , तस्वीरो में प्रतिबन्धित मशीन एवं सागौन की तमाम लकड़ी दिखाई पड़ रही हैं जो कुछ कह रही हैं।

इस गोरख धन्धे में लिप्त तस्कर किस्म के लोग हमेशा जंगल और फारेस्ट नाका का चक्कर लगाते देखे जा सकते है।आखिर क्यों?*

वनमाफ़िया अपने सागौन गाड़ी को मुख्यालय लाने के लिए नाके में सेटिंग करते है इस दौरान कई बार फारेस्ट नाके में दो दो घण्टे बैठे नजर आते है

जंगल माफियाओ का ऐसा कौन सा काम रहता हैं कि प्रतिदिन आवागमन होता हैं ,उच्चाधिकारियों के कभीकभार दबाव में आकर वन विभाग के कर्मचारी खाना पूर्ति हेतु इस धन्धे में कुछ लालची लोगो को आनन फानन में चालान कर देती हैं लेकिन इनके पिछे बड़े लकड़ी माफिया साफ निरपराध छूट जाते है ,इन जंगल माफियाओ का कब चालान होगा या जंगल तस्करो का धन्धा ऐसे ही चलता रहेगा ! शासन का ध्यान इस तरफ कब पड़ेगा कि असली धंधेबाज पर अंकुश लग सकेगा

*पत्रकारों ने दी शांतिनगर में अवैध आरा मशीन की सूचना लेकिन छापा पड़ने से पहले ही विभागीय कर्मचारी ने कमीशन का फर्ज निभाते हुए तत्काल जाकर दी जानकारी और मशीनों को कराया गायब , जो मशीने गायब हुई है वो महज एक दिन पहले उसी फर्नीचर मार्ट में थी जिसे मीडिया कर्मी ने अपने कैमरों में कैद किया*

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