नारकोटिक्स सेल में पदस्थ ASI विकास शर्मा की मौत

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महासमुंद। पुलिस के जाबांज जवान 41वर्षीय विकास शर्मा मौत की खबर । नारकोटिक्स सेल में पदस्थ थे। घर के बाहर कुछ लोग झगड़ा कर रहे थे,जिन्हे वे समझा रहे थे, इस दौरान किसी ने  घक्का दिया तो गिर पड़ा और वह उठा नही। आनंद फानन में उन्हें पास के अस्पताल ले गए ,बताया जा रहा है कि अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।

घटना के बाद से पुलिस सरगर्मी के साथ अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुट गई है।सूत्रों के मुताबिक  उनके शासकीय आवासगृह के समीप ही लोक निर्माण विभाग कार्यालय के पीछे शराब के नशे में आपस में कुछ लोग लड़ रहे थे। उन्हें हटाने विकास पहुंचे थे। इन्‍हीं लोगों ने विकास पर जानलेवा हमला कर दिया।  विकास को नजदीक के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

महासमुंद के मूल निवासी 41 वर्षीय विकास शर्मा छात्र जीवन से बॉक्सिंग के खिलाड़ी रहे। उन्होंने अपने बेहतर खेल से कई मेडल अपने नाम किया। पुलिस विभाग में आरक्षक के रूप में भर्ती पर प्रशिक्षण केंद्र में अच्छे प्रदर्शन से उन्हें सीधा प्रधान आरक्षक की पदोन्नति मिली। बाद से वे क्राइम ब्रांच में सेवा देते रहे। वे सभी टास्क पर अपने अधिकारियों के विश्वास पर खरा उतरते रहे। एक टास्क में खुद व एक सिपाही, एक नगर सैनिक के साथ दिल्ली जाकर चिटफंड कंपनी एचबीएन के डायरेक्टर अमरिंदर सिंह को दिल्ली से ही अपने कौशल से पकड़कर लाने में कामयाब हुए थे।
तब तत्कालीन आइजी (रायपुर रेंज) जीपी सिंह ने विकास सहित तीन जवानों को विशेष पारितोषिक देकर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दी थी। तब से विकास एएसआइ के पद पर सेवा दे रहे थे। विकास स्नेक केचर के रूप में शहर भी विख्यात थे। लोगों के घरों में निकले विषैले सांप को आसानी से पकड़कर जंगल छोड़ने में विकास को महारत हासिल थी।

इस घटना की पूरी जानकारी अभी तक फिलहाल नहीं।

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