पार्षदों ने की सामान्य सभा कराने की मांग, कहा- निगम अफसर नहीं सुन रहे समस्या

Chhattisgarh

रायपुर : दशकों बाद पहली बार ऐसा हुआ, जब नगर निगम में नई परिषद गठित होने के आठ माह बावजूद एक भी सामान्य सभा नहीं हो सकी। अब भाजपा पार्षद दल में आक्रोश बढ़ने लगा है, इसे लेकर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर के अगुवाई में मंगलवार को भाजपा पार्षदों ने निगम मुख्यालय में सभापति प्रमोद दुबे को ज्ञापन सौंपा। इसमें शहर की सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट की समस्या और वार्डों में लंबित विकास कार्य को लेकर हो रहे विलंब पर नाराजगी जताई गई। वहीं महिला पार्षदों ने निगम कमिश्नर की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। रायपुर नगर निगम में सामान्य सभा कराने को लेकर भाजपा पार्षद दल ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पार्षदाें का कहना है, सामान्य सभा नहीं होने से पहली बार चुनकर आए पार्षद वार्डाें की समस्याओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा करना चाहते हैं, पर इस संबंध में न तो नगर निगम के अधिकारी सुनने को तैयार हैं, न ही समस्याओं का निराकरण हो रहा है, इससे नए व पुराने पार्षदों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आठ माह बीतने के बाद भी नगर निगम की सामान्य सभा का आयोजन नहीं कराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही नगर निगम के अधिनियम एवं शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी है, इसलिए सामान्य सभा का आयोजन जल्द कराया जाए।

पार्षदों ने लगाए ये आरोप
पार्षद मीनल चाैबे ने आरोप लगाया, नगर निगम कमिश्नर वार्ड पार्षदों की समस्या सुनते ही नहीं। निगम अधिकारियों का भी यही हाल है। चौबे ने सभापति प्रमोद दुबे के समक्ष दो टूक शब्दों में कहा, नगर निगम कमिश्नर कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। कन्हैयालाल बाजारी वार्ड पार्षद एवं जोन एक अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी द्वारा चार वार्डों में बिछाई जा रही पाइपलाइन के कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्मार्ट सिटी के एमडी पर आरोप लगाया कि वे किसी की सुनते तक नहीं। 22 करोड़ पाइपलाइन बिछाने के कार्य में लेटलतीफी को लेकर जोन एक और स्मार्ट सिटी के अफसरों के बीच तालमेल का अभाव होने से तीन वार्डों में पाइपलाइन का कार्य प्रभावित हो रहा है।
इस तरह गिनाई परेशानी
संधारण मद के 50 हजार से 1 लाख रुपए तक के कार्यों की फाइलें जोन स्तर पर स्वीकृत करने की जगह नगर निगम मुख्यालय मंगाई जा रही हैं। इससे वार्ड विकास से जुड़े अत्यावश्यक कार्याें पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वार्डों में सेनेटाइजेशन की मानिटरिंग नहीं हो रही है। संबंधित वार्ड पार्षद को जानकारी दिए बिना दवा छिड़काव कर अनाप-शनाप बिल बनाया जा रहा है, जो गलत है। वार्डों में 10 लाख के विकास कार्य के लिए टेंडर हुए तीन माह बीत गए, अब तक प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति नहीं आई। इसके चलते विकास कार्य शुरू नहीं हो पाया। नए सफाई ठेका का वर्कआर्डर जारी नहीं, इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित। आधे शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप, शिकायत के बाद भी निगम के अफसर नहीं सुन रहे।

इनकी रही उपस्थिति वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर, डॉ. प्रमोद साहू, मृत्युंजय दुबे, मीनल चौबे, चंद्रपाल धनगर, विनोद अग्रवाल सरिता वर्मा, कामिनी देवांगन, टेसू-नंदकिशोर साहू, गोदावरी साहू, रजियंत सिंह ध्रुव, रोहित साहू, भोला साहू।

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