गरीबों का मसीहा कहलाने वाला कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता पहुचा घनघोर जंगलों के बीच बसे आदिवासीओं की हाल-चाल जानने : सुशील शर्मा

Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ : रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सुशील शर्मा ने अपने साथियों सहित नये वर्ष की पावन वेला में छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा (माईकलपर्वत में घनघोर जंगल के बीच) के किनारे  जंगल झाड़ियों के बीच बसे ग्राम पंचायत ठाढ़ पथरा के बेंगा आदिवशियो के बीच जाकर डोंगर पूजा उत्सव में शामिल होकर जंगल के आदिवशियो के साथ भोजन कर पूरे समाज को सम्मान दिया।सुशील शर्मा ने बताया कि कोइली गुडा गांव तक जाने के लिये 2 किलोमीटर तक सड़क विहिन पगडंडी ही एज मात्र रास्ता है,दूसरा रास्ता पहाड़ो के उत्तर और चढ़ कर जाना,आना पड़ता है।भोले भाले बेंगा आदिवशियो की बुनियादी समस्या बनी हुई है।यह छेत्र अत्यंत पिछड़ा हुआ हूं,यहाँ विकास की आवश्यकता है। ठाड़पथरा ग्राम जंगली एरिया है, जिससे उन्हें शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नही हो पा रही । गांव के लोगो सरकार से उम्मीद लगाये बैठे है, उनकी समस्यओं को सरकार ठीक करेगा। गांव के बैगा आदिवासी बाबू लाल ,रमेश,रामलाल,अगसिया ने बताया कि यहाँ  ठीक से स्कूल नही है ,रोड नही बनी है।लाइट,सामुदायिक भवन,हेंडपम्प,खेती जमीनों को तार से घेरा कराने की आवश्यकता है,जो कि अभी खुली हुई है। सुशील शर्मा ने आदीवासियो को बताया कि छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ किया,किसानों को धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपिया प्रति किवंतल किया,बस्तर के आदिवशियो की जमीन को वापस कराने जैसा अभूतपूर्व निर्णय लेकर प्रदेश की जनता के हितों में क्रांतिकारी कदम बढ़ाया है। पहाड़ो में बने दुर्गम रास्तो से इस उत्सव में पहुँचने वाले सुशील शर्मा प्रदेश सचिव  ने बताया की आदिवासीयों को इस रूप में देख कर बहुत दुख भी हुआ,तथा इन आदिवासियों तक सरकार की योजना का लाभ नही ले पा रहे है। उनके साथ इन्द्र साव,अशोक धुरुव,सचिन शर्मा,दिवाकर मिश्रा,भी साथ मे गांव पहुंचे हुए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *