गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 2 नवंबर। जिले में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और सुविधायुक्त बनाने के लिए वीबी-जी राम जी एवं विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा।

कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिला पंचायत के नर्मदा सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों के विकास के लिए लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की वर्तमान स्थिति, प्राकृतिक संसाधनों, जल स्रोतों, उपलब्ध परिसंपत्तियों और मूलभूत सुविधाओं का आकलन कर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतों का विकास केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास का रोडमैप तैयार किया जाए। इसके लिए ग्राम सभाओं को प्रभावी बनाने और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जल संरक्षण के कार्यों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
कलेक्टर ने जल संरक्षण, जल संवर्धन और अन्य मजदूरीमूलक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिल सके। उन्होंने मजदूरी एवं सामग्री के निर्धारित 60:40 अनुपात का पालन करते हुए आवश्यक सुविधाओं और अधोसंरचना निर्माण के कार्य प्रस्तावित करने को कहा।
जीपीडीपी और वीजीपीपी में होगा समन्वय
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) और विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। विकास कार्ययोजना में जल संरक्षण, स्वच्छता, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन और प्रभावी ग्राम सभाएं ही विकसित एवं आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे एवं प्रभारी अपर कलेक्टर आकांक्षा पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।