रायपुर, 02 नवम्बर 2026/शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, रायपुर के कौमारभृत्य (बालरोग) विभाग में कुल 2,980 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम में बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के प्रति अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा सभी प्रतिभागियों द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया एवं उत्कृष्ट फीडबैक प्रदान किया गया।

स्वर्णप्राशन संस्कार आयुर्वेद की एक पारंपरिक बाल स्वास्थ्य संवर्धन विधि है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, स्वर्णप्राशन बच्चों की बुद्धि, मेधा एवं स्मरण शक्ति के संवर्धन तथा शारीरिक बल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने में सहायक माना जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों के समग्र स्वास्थ्य, मानसिक विकास एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में सकारात्मक योगदान देना है।
कार्यक्रम का समन्वय स्वर्णप्राशन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. लवकेश चंद्रवंशी, एसोसिएट प्रोफेसर, कौमारभृत्य विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया, कौमारभृत्य विभाग के पीजी स्कॉलर्स एवं इंटर्न्स का विशेष सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयासों एवं समर्पण से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम में सहभागी सभी अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी बाल स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से संबंधित ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।