कोल लेवी केस में देवेंद्र यादव को EOW का नोटिस, 5 अक्टूबर को विशेष अदालत में हाजिरी के निर्देश

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चित्रा पटेल । रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी प्रकरण में भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को लेकर जांच की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW/ACB) ने उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। यह नोटिस EOW के अपराध क्रमांक 03/2024 से संबंधितआ है। नोटिस में विवेचना के बाद अदालत के समक्ष अभियोग पत्र पेश किए जाने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

इस घटनाक्रम के बाद अब निगाहें 5 अक्टूबर को होने वाली न्यायिक प्रक्रिया पर टिक गई हैं। हालांकि, नोटिस जारी होना या जांच में किसी का नाम सामने आना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।

अभियोग पत्र की प्रक्रिया के बीच विधायक को नोटिस

EOW की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, मामले की विवेचना के बाद विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रायपुर के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाना है। इसी सिलसिले में देवेंद्र यादव को निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

नोटिस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7, 7A और 12 तथा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 420, 120-B, 384, 467, 468 और 471 का उल्लेख किया गया है। इन धाराओं का उल्लेख संबंधित मामले की कानूनी पृष्ठभूमि का हिस्सा है; इनसे अकेले किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं होता।

28 सितंबर को हुई पूछताछ के बाद नया घटनाक्रम

देवेंद्र यादव को इससे पहले 28 सितंबर 2026 को भी EOW के रायपुर स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनसे दो घंटे से अधिक समय तक सवाल-जवाब किए गए थे। अब अदालत में उपस्थिति को लेकर जारी नोटिस ने इस प्रकरण को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

जांच से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों में कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से संबंधित एक डायरी में यादव के नाम और कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई थी। देवेंद्र यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। इन दावों और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

540 करोड़ रुपये की कथित लेवी का मामला

छत्तीसगढ़ का कोल लेवी प्रकरण कथित अवैध वसूली से जुड़ा एक बड़ा जांच मामला है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में इस प्रकरण में करीब 540 करोड़ रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है। जांच से संबंधित मामलों में पूर्व आईएएस अधिकारी रानू साहू और समीर विश्नोई, तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी तथा पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं।

इस मामले में अलग-अलग व्यक्तियों के विरुद्ध जांच और कानूनी कार्यवाही की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए जांच में नाम आने, आरोप लगाए जाने और अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है।

अब 5 अक्टूबर पर टिकी निगाहें

EOW के नोटिस के बाद 5 अक्टूबर की तारीख इस मामले में महत्वपूर्ण हो गई है। निर्धारित समय पर अदालत में उपस्थिति और अभियोग पत्र से संबंधित प्रक्रिया के दौरान आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह न्यायालयीन कार्यवाही से स्पष्ट होगा।

कोल लेवी प्रकरण में अब सवाल केवल जांच के अगले कदम का नहीं, बल्कि अदालत के समक्ष प्रस्तुत होने वाले अभियोग पत्र और उसमें दर्ज तथ्यों का भी है। मामले में आगे की स्थिति संबंधित दस्तावेजों और न्यायालय की कार्यवाही के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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