रायपुर, 3 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर की केंद्रीय जेल में शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीम ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए औचक निरीक्षण किया। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस अभियान में करीब 50 पुलिस जवानों ने जेल की विभिन्न बैरकों में सघन तलाशी ली। जांच के दौरान कोई विशेष आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई।

यह कार्रवाई डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल ,डीसीपी क्राइम आईपीएस स्मृतिक राजनाला, और एडीएम उमाशंकर बांधे के नेतृत्व में की गई। अभियान में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू), क्राइम ब्रांच और सेंट्रल जोन के विभिन्न थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

अलग-अलग टीमों ने एक साथ खंगाली बैरकेंतलाशी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने जेल परिसर और विभिन्न बैरकों में पहुंचकर कैदियों के सामान तथा बैरक के आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की। सभी चिन्हित स्थानों पर एक साथ चेकिंग कराई गई, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी संभावित चूक का पता लगाया जा सके।अभियान की निगरानी अतिरिक्त डीसीपी सेंट्रल जोन विवेक शुक्ला, अतिरिक्त डीसीपी एसीसीयू गौरव मंडल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और प्रशिक्षु डीएसपी अमित कोसमा ने की। महिला बैरक की तलाशी के लिए अलग टीम गठित की गई और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार जांच की गई।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकसपुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री के संभावित प्रवेश और उपयोग को रोकना तथा आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना था। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में सतर्कता बरतने और नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए।चार घंटे तक चले इस औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने विभिन्न बैरकों की जांच की। तलाशी में कोई विशेष आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिलने की जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, जेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण महत्वपूर्ण हैं।