नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन की अध्यक्षता में भाजपा मुख्यालय, नई दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों के जल शक्ति मंत्रियों के लिए दो दिवसीय ‘जल मंथन’ कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन भाजपा के सुशासन एवं पॉलिसी रिसर्च विभाग द्वारा किया गया।कार्यशाला में भाजपा शासित 14 राज्यों के 25 जल शक्ति मंत्री शामिल हुए। इसमें प्रभावी मंत्री-व्यवस्था, भारत के जल संसाधनों की स्थिति, जल प्रबंधन तथा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

कार्यशाला की शुरुआत बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन के संबोधन से हुई। उन्होंने मंत्रियों के साथ विचार साझा करते हुए सरकार के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनहित में बेहतर परिणाम हासिल करने पर जोर दिया।गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यशाला के पहले सत्र में ‘इफेक्टिव मिनिस्टीरियल एस्टैब्लिशमेंट’ यानी मंत्री कार्यालय और व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के विषय पर चर्चा हुई। इसके बाद ‘व्हाट इज द इंडिया वॉटर स्टोरी’ विषय के माध्यम से देश में जल संसाधनों के वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।कार्यशाला में संगठन और सरकार के बीच बेहतर संबंध एवं समन्वय को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया।
जल शक्ति से जुड़े विभागों में सिंचाई, ग्रामीण पेयजल, पेयजल एवं स्वच्छता तथा पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।भाजपा की ओर से कहा गया कि ‘जल मंथन’ का उद्देश्य जल शक्ति मंत्रियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, राज्यों की सरकारों को बेहतर परिणाम हासिल करने में सहयोग देना और सुशासन के लक्ष्य को और मजबूत करना है। पार्टी का कहना है कि सरकारों के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए इस तरह की कार्यशालाओं और संवाद की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।