जशपुर, 3 सितंबर 2026। गौवंश तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने 2 सितंबर को बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं पशु तस्करी के दो पुराने मामलों में फरार चल रहे पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।कुनकुरी में 8 गौवंश बरामदथाना कुनकुरी पुलिस रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान ग्राम हर्राडांड के पास मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग टांगरबहरी रोड से गौवंशों को पैदल हांककर झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और एक व्यक्ति को 8 गौवंशों के साथ पकड़ लिया।पूछताछ में आरोपी की पहचान अशोक कुमार यादव (37), निवासी वासुदेवपुर, थाना दुलदुला, जशपुर के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार आरोपी गौवंशों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन और लकड़ी का डंडा भी जब्त किया गया है।पुराने दो मामलों में 5 फरार आरोपी गिरफ्तारसिटी कोतवाली जशपुर पुलिस ने 6 जनवरी और 22 फरवरी 2026 को दर्ज पशु तस्करी के दो मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।6 जनवरी के मामले में डूमरटोली क्षेत्र से 10 गौवंश मुक्त कराए गए थे, जबकि 22 फरवरी के मामले में किनकेल क्षेत्र से 4 गौवंश बरामद किए गए थे। विवेचना के दौरान अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए पांचों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।गिरफ्तार आरोपियों में बीरबल राम भगत (45), मोहम्मद अफसर खान (37), शाहिद खान (26), मुस्तकीम खान (48) और ताजुद्दीन खान (43) शामिल हैं।जनवरी से अब तक 985 गौवंश मुक्तपुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन शंखनाद के तहत जनवरी 2026 से अब तक 86 प्रकरणों में 985 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है। 92 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त 31 वाहन जब्त किए गए हैं।एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी को लेकर जशपुर पुलिस पूरी तरह संवेदनशील है।
तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।कार्रवाई में थाना कुनकुरी, सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस टीम और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।