रायपुर, 3 सितंबर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत गुरुवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषक नगर रायपुर के सभागार में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल, पुलिस उपायुक्त मध्य जोन तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर गौरव मंडल, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कलिंगा विश्वविद्यालय और मैट्स विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों सहित करीब 800 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

साइबर ठगी के नए तरीकों से कराया अवगतकार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी। फर्जी कॉल, लिंक के जरिए ठगी, ओटीपी फ्रॉड, बैंक एवं यूपीआई धोखाधड़ी, फर्जी कस्टमर केयर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, नौकरी और लोन के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट तथा सेक्सटॉर्शन जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी और पासवर्ड साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचने को कहा गया।ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायतकार्यक्रम में बताया गया कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। किसी अनजान कॉल, मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया संदेश पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करना चाहिए। डर, दबाव या लालच में आकर ऑनलाइन लेन-देन करने से भी बचना चाहिए।साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को सूचना देने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।युवाओं से जागरूकता फैलाने की अपीलकार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने के साथ परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए इनके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए हर नागरिक का जागरूक होना जरूरी है।छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा “साइबर जागृति अभियान” के तहत प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य माध्यमों से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदेश को साइबर अपराधों से अधिक सुरक्षित बनाना है।a