New Delhi: दिल्ली में CNG के दाम बढ़ने से कैब और ऑटो चालकों की कमाई का गणित बिगड़ गया है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। शनिवार सुबह 6 बजे से लागू नई दर के बाद दिल्ली में CNG 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है।
इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा असर एप-आधारित कैब चालकों पर पड़ रहा है। चालकों की शिकायत है कि ईंधन का खर्च उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ता है, जबकि यात्रियों से लिया जाने वाला किराया तय करने का अधिकार उनके पास नहीं है। ऐसे में CNG महंगी होने के साथ उनकी वास्तविक कमाई और बचत दोनों पर दबाव बढ़ रहा है।
IGL के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की बढ़ती लागत और आपूर्ति पर दबाव CNG की कीमत बढ़ाने के प्रमुख कारण हैं। दिल्ली में साल की शुरुआत की तुलना में CNG की कीमत करीब 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुकी है।
कैब चालकों के मुताबिक वे रोजाना 200 से 250 किलोमीटर तक वाहन चलाते हैं। ऐसे में प्रति किलो CNG की कीमत में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना के ईंधन खर्च पर पड़ता है। एक चालक के लिए यह अतिरिक्त खर्च महीने के अंत तक बड़ी रकम में बदल जाता है।
चालकों का कहना है कि CNG के अलावा उन्हें वाहन की EMI, सर्विसिंग, बीमा, परमिट और घर के रोजमर्रा के खर्च भी उठाने पड़ते हैं। किराया कंपनियां तय करती हैं और ईंधन महंगा होने पर चालक यात्रियों से मनमाना किराया भी नहीं ले सकते। ऐसे में CNG की हर बढ़ोतरी उनकी कमाई और खर्च के बीच का अंतर और कम कर देती है।
चालकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब ईंधन लगातार महंगा हो रहा है तो क्या एप-आधारित कैब कंपनियां किराया और ड्राइवरों की कमाई का ढांचा उसी अनुपात में संशोधित करेंगी? फिलहाल बढ़ती CNG कीमत ने दिल्ली के कैब और ऑटो चालकों की आर्थिक चिंता जरूर बढ़ा दी है।