रायपुर/सक्ति। शिकायतकर्ता के अनुसार है पूरी खबर, शिकायतकर्ता के आरोप हैं, न कि सिद्ध तथ्य।
सक्ती जिले के कलेक्टर अमृत विकास टोप्पो के खिलाफ राज्य मानव अधिकार आयोग, माना (रायपुर) में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई है।
धान खरीदी केंद्र के एक शाखा प्रबंधक से कथित तौर पर बाथरूम साफ कराने के मामले में कलेक्टर अमृत विकास टोपनो के खिलाफ मानवाधिकार आयोग, रायपुर में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान शाखा प्रबंधक से बाथरूम साफ कराया, जिससे उसकी गरिमा और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ।
शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।हालांकि, इस मामले में अभी तक शिकायत के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही कलेक्टर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले की सत्यता संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

शिकायतकर्ता ने धान खरीदी प्रभारियों की नियुक्ति में कथित अनियमितता, प्रशासनिक मनमानी और पद के दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा जांच पूरी होने तक कलेक्टर को अन्य जिले में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने आयोग को सौंपे आवेदन में कहा है कि कलेक्टर के कार्यकाल के दौरान कई निर्णय नियमों के विपरीत लिए गए, जिससे कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हुए और धान खरीदी व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप
1. बैठक में मोबाइल छीनने और वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने का आरोप

शिकायत के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान शिकायतकर्ता को मोबाइल से वीडियो बनाने से रोका गया। आरोप है कि मोबाइल छीनने का प्रयास भी किया गया। हालांकि शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरे घटनाक्रम की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
2. अधिकारियों की मौजूदगी का उल्लेख
आवेदन में बैठक के दौरान मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भी दी गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरी घटना उनके सामने हुई और इसकी जांच कराई जानी चाहिए।

3. धान खरीदी प्रभारियों की नियुक्ति में अनियमितता का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि कई धान उपार्जन केंद्रों में अनुभवहीन अथवा नियमों के अनुरूप पात्र नहीं होने वाले कर्मचारियों को धान खरीदी प्रभारी नियुक्त किया गया। आवेदन में पुटीडीह, कोटमी, शॉर्ट कटेकोनी, कांसा, झुंझापुर, सिरियागढ़ सहित कई केंद्रों का उल्लेख करते हुए नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए हैं।

4. नियमों की अनदेखी का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभागीय आदेशों और पात्रता संबंधी प्रावधानों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गईं, जिससे धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित हुई।
5. कलेक्टर को जांच तक अन्य जिले में भेजने की मांग
आवेदन में कहा गया है कि यदि कलेक्टर उसी जिले में बने रहते हैं तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए जांच पूरी होने तक उन्हें अन्य जिले में पदस्थ किए जाने की मांग की गई है।
6. लंबे समय से एक ही जिले में पदस्थ रहने का मुद्दा
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि कलेक्टर का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक हो चुका है। इसे भी शिकायत का एक आधार बनाया गया है।
7. शिकायतकर्ता को प्रताड़ित किए जाने की आशंका
शिकायतकर्ता ने आवेदन में आशंका जताई है कि शिकायत करने के कारण उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है अथवा प्रताड़ित किया जा सकता है। उन्होंने आयोग से सुरक्षा और निष्पक्ष सुनवाई की मांग भी की है।
मानव अधिकार आयोग से क्या मांग की गई
शिकायतकर्ता ने आयोग से मांग की है कि—
- पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- धान खरीदी प्रभारी नियुक्तियों की जांच कराई जाए।
- दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
- जांच पूरी होने तक कलेक्टर अमृत विकास टोप्पो को अन्य जिले में पदस्थ किया जाए।
- शिकायतकर्ता को किसी प्रकार की प्रताड़ना से संरक्षण दिया जाए।
प्रशासन का पक्ष आना बाकी
इस मामले में सक्ती जिला प्रशासन अथवा कलेक्टर अमृत विकास टोप्पो की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह समाचार राज्य मानव अधिकार आयोग में प्रस्तुत शिकायत-पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित सभी आरोप शिकायतकर्ता के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच एवं निर्णय होना शेष है।